
संवाददाता
कानपुर। सीबीएसई की 10वीं की छात्रा ने रिजल्ट आने के 24 घंटे बाद सुसाइड कर लिया। मां ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर भाई उसके कमरे में पहुंचा तो बहन को फंदे से लटकता पाया ।
सुसाइड करने से पहले छात्रा ने अपने साथियों को वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी, जिसमें उसने कहा कि मेरे से जिया नहीं जाएगा… मैं एक जिंदा लाश बनकर रह गई हूं… अब मुझे जीने की इच्छा नहीं है। उसने अपने भाई से कहा था कि मुझे बहुत डर लगता है। मां इतना मुझ पर पैसा खर्च कर रही हैं, कहीं उनका पैसा बर्बाद न हो जाए।
रतनपुर शिवालिका भवन निवासी वैशाली सिंह अर्मापुर स्थित केंद्रीय विद्यालय–1 में 10वीं की छात्रा थी। बुधवार को जारी सीबीएसई बोर्ड के रिजल्ट में उसने 92% नंबर मिले थे। परिवार में मां काजल और भाई प्रिंस है।
पिता वीरेंद्र सिंह की 2 साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद मां काजल एक कपड़े के शोरूम में काम कर घर के खर्चे संभालने लगीं। माँ काजल ने बेटी वैशाली को फोन किया, लेकिन उसने कॉल नहीं उठाई।
इस पर उन्होंने बेटे प्रिंस को फोन कर वैशाली से बात कराने को कहा। प्रिंस पहली मंजिल पर बहन वैशाली के कमरे में पहुंचा तो उसका शव फंदे से लटकता मिला। उसने परिवार वालों और पनकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने वैशाली का मोबाइल कब्जे में लिया। जांच की तो कुछ वॉयस रिकॉर्डिंग मिली, जो उसने अपनी फ्रेंड को भेजे थे।
भाई प्रिंस ने बताया कि मैं भी उसी केंद्रीय विद्यालय में 11वीं का छात्र था। नंबर अच्छे नहीं आते थे। 11 अक्टूबर 2024 को पिता की मौत के बाद हमने पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ाई छोड़ने के बाद स्कूल के टीचरों ने मुझसे तुलना करते हुए मेरी बहन को टॉर्चर करना शुरू कर दिया था। वह अक्सर कहते थे कि तुम प्रिंस की बहन हो, उसी की तरह शैतानी करती हो, तुम्हारे भी नंबर अच्छे नहीं आएंगे। जिससे वह परेशान रहने लगी थी। घर आती और मां से खूब रोती थी।
भाई ने कहा- मां ने वैशाली को बहुत समझाया कि मन लगाकर पढ़ो और अपने को साबित करो। इसके बाद वह खूब पढ़ने लगी थी। वह कहती थी कि जिन टीचरों ने उसे गलत बोला, उनको साबित करके दिखाऊंगी।
10वीं में उसके टेस्ट में अच्छे मार्क्स आने लगे थे। टीचरों के हैरेसमेंट के कारण वह बहुत तनाव में रहने लगी थी। उसने हंसना भी बंद कर दिया था।






