
संवाददाता
कानपुर। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक महिला का ठेला हटा दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसका ठेला तोड़ दिया गया।
महिला ने इसकी शिकायत सपा विधायक अमिताभ बाजपेई से की, जिसपर विधायक नगर निगम पहुंच गए और अधिकारी से तीखी बहस की। अमिताभ बाजपेई ने नगर निगम अधिकारी से कहा कि नगर आयुक्त कोई शहर के बॉस नहीं हैं।
24 मार्च को परेड स्थित उर्सला अस्पताल के पास नगर निगम ने अतिक्रमण अभियान चलाया था। इस दौरान अवैध दुकानों को हटाया गया। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान ज्योति दीक्षित नाम की महिला का ठेला उर्सला अस्पताल के पास लगा था, उसे भी तोड़ दिया गया। महिला ने यह भी कहा कि उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
महिला ने इसकी शिकायत स्थानीय सपा विधायक अमिताभ बाजपेई से की। इस पर विधायक नगर निगम अधिकारी के पास पहुंच गए। अतिक्रमण अभियान चला रहे अफसर से अमिताभ सवाल-जवाब करने लगे। इस दौरान विधायक चिल्लाकर कहने लगे कि किसी गरीब का ठेला ऐसे कैसे हटा दिया गया? किसी बड़े आदमी पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
अधिकारी से विधायक ने कहा कि नगर आयुक्त कोई शहर के बॉस नहीं हैं। नगर आयुक्त जो कहेंगे, वही नहीं हो जाएगा। फेरी नीति का पालन करना होगा। फेरी नीति के हिसाब से ठेला लगाने वालों के स्थान तय किए जाएंगे। इस तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






