
संवाददाता
कानपुर। नगर का मौसम अचानक बदल गया है। बीते 24 घंटे में रात का तापमान 6.9 डिग्री बढ़ गया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, 1971 के रिकार्ड के अनुसार 55 साल में रातें इतनी गर्म कभी नहीं हुई हैं। इससे एक दिन पहले 19 फरवरी को न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री था। जो कि 20 फरवरी को अचानक बढ़कर 16.6 डिग्री पहुंच गया।
सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि साल 1971 के बाद फरवरी की रातें इतनी गर्म कभी नहीं हुई हैं। 1984 में तापमान 16.0 डिग्री गया था। इससे नीचे तापमान कभी भी नहीं रहा है।
दोपहर की बात करें तो बीते छह दिनों से तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। दिन की तेज धूप गर्मी का एहसास करा रही है। अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 2.7 डिग्री ज्यादा रहा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बादलों के छाने की वजह से रात का तापमान बढ़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छा रहे हैं। हालांकि बारिश की संभावना नहीं है। रात के तापमान बढ़े जरूर हैं, लेकिन उत्तर पश्चिमी सर्द हवाएं जल्द ही इन पर नियंत्रण कर लेंगी। रात के तापमान गिरेंगे।
कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि फरवरी महीने में गेहूं में बालियां आती हैं। दाने दूधिया अवस्था में होते हैं। अगर ऐसे ही तापमान बढ़ता रहा तो फसलों की पैदावार और गुणवत्ता पर असर होगा। अधिक तापमान के कारण फसल समय से पहले पकने लगती है। दाने प्रभावित होते हैं। वह सिकुड़ जाते हैं। छोटे हो जाते हैं।
किसान लाल सिंह ने बताया कि अभी से गर्मी पड़ने लगी है, अगर ऐसे ही गर्मी पड़ती रही तो गेहूं की फसल को नुकसान होगा। गेहूं की पैदावार में कमी आएगी, और खेतों में पानी ज्यादा लगाना पड़ेगा। अभी से इतनी गर्मी हो रही है, तो आगे क्या होगा? अगर ऐसा ही हाल रहा तो गर्मी में काम करना मुश्किल हो जाएगा। सबसे अधिक नुकसान तो किसानों को होगा। फसलों की पैदावार प्रभावित होगी। सरसों का दाना प्रभावित होगा। तेल कम निकलेगा।






