February 21, 2026

संवाददाता 

कानपुर। रात से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक लगभग 15 घंटे तक कानपुर-सागर हाईवे पर 30 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। जाम में एंबुलेंस और स्कूली वाहन फंसे रहे। 

पुलिस के मुताबिक, बिधनू थाना क्षेत्र के रमईपुर चौराहे के पास देर रात दो ट्रक खराब हो गए थे। जिसके बाद से जाम लग गया।
रात होने के कारण कुछ वाहन चालक सो गए। जिसके कारण हाईवे पर वाहनों की कतारें लगातार बढ़ती चली गईं। सुबह होते-होते यह जाम करीब 30 किलोमीटर लंबा हो गया। जिससे हजारों वाहन चालक और यात्री घंटों तक फंसे रहे। दोपहर 12 बजे तक जाम को खुलवा दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रमईपुर चौराहे के पास देर रात दो ट्रक खराब होने की सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंची। एनएचआई की क्रेन की मदद से खराब ट्रकों को सड़क किनारे कराकर कुछ देर में यातायात चालू करा दिया गया।
इसके बाद पुलिस बल मौके से वापस लौट गया। हालांकि, रात में सहालग तेज होने के चलते हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ता चला गया। इस दौरान आड़े तिरछे घुसे वाहनों से जाम लगना शुरू हो गया। रातभर पुलिस जाम खुलवाने का प्रयास करती रही, लेकिन हाइवे पर डंपर चालकों के सो जाने से जाम बढ़ता चला गया।
रातभर वाहनों की कतारें बढ़ती रहीं और सुबह तक हाईवे पर जाम करीब 30 किलोमीटर तक फैल गया। रमईपुर चौराहे से लेकर पतारा चौकी क्षेत्र तक ट्रक, बस, कार और अन्य भारी वाहन जाम में फंसे नजर आए।
यात्रियों को न तो खाने-पीने की सुविधा मिल पाई और न ही समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सके। कई स्कूली वाहन और एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
पतारा चिकित्साधीक्षक डॉ. अभिषेक कटियार ने बताया कि मैं लगभग डेढ़ घंटे तक जाम में फंसा रहा । राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है। जाम के चलते एएनएम समय से नहीं पहुंच पाई । जिससे चलते टीकाकरण कार्यक्रम में देरी हुई ।
प्राथमिक विद्यालय प्रथम पतारा की टीचर माला गुप्ता और कविता चतुर्वेदी ने बताया कि सुबह लगभग 7:30 बजे से जाम से फंसे थे। लगभग चार घंटे जाम में फंसी रहे। आड़े तिरछे गांव की गलियों से होते हुए वैन चालक हमे विद्यालय लेकर पहुंचा।
हम लोग लगभग 11 बजे स्कूल पहुंचे। हमारे अलावा भी कई टीचर जाम में फंसे रहे।
102 एंबुलेंस के एमटी प्रदीप चंद्र ने बताया कि सरगांव का केस मिला था। मैं मरीज लेकर पतारा सीएचसी के लिए निकला था । तभी कानपुर-सागर हाईवे पर लगे जाम में फंस गए। करीब 20 मिनट तक जाम में फंसे रहे। मरीज को परेशानी हुई तो फिर मैं गांव की गलियों के रस्ते से होते हुए तिलसाड़ा रोड पहुंचा। फिर यहां के रस्ते से सीएचसी पहुंचा।
108 एंबुलेंस के एमटी ज्ञान सिंह ने बताया कि मुझे एक चेकअप केस मिला था। जिसे लेने गए थे। जहांगीराबाद  के पास से जाम मिल गया था। लगभग चार किलोमीटर का सफर करने में आधा घंटे तक जाम में जूझना पड़ा। इसके बाद वह मरीज को लेकर सीएचसी पहुंच पाए।
घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि हाईवे पर भारी जाम की सूचना मिलते ही पुलिस को अलर्ट किया गया था । यातायात को सुचारु करने के लिए डायवर्जन लागू किया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया ।

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