
संवाददाता
कानपुर। एचडीएफसी बैंक में ‘मैं ठाकुर हूं, ऐसी की तैसी कर दूंगी…’ कहने वाली आस्था सिंह और बैंक से इस्तीफा देने वाली ऋतु त्रिपाठी के बीच अब जुबानी जंग शुरू हो गई है। ऋतु त्रिपाठी का कहना है कि आस्था ने मुझ पर और मेरे पति पर अनर्गल आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की वजह से मेरे पति को लोग ऑनलाइन धमकी दे रहे हैं।
मेरे पति को मारने की बात कही जा रही है। धमकियों के बाद से हम लोग डरे हुए हैं। मेरे पति ने क्या किया? उन्होंने अपनी पत्नी का फेवर किया था। समय से छोड़ने को कहा था, तो क्या यह गलत कहा था? आस्था जो बोल रही हैं, उस पर सोचें। बैंक के सीसीटीवी में सब कैद है।
वह सामने आ जाएगा, तो सब साफ हो जाएगा। मेरे पति को कुछ भी हुआ, तो उसकी जिम्मेदार ‘मैं ठाकुर हूं, ऐसी की तैसी कर दूंगी…’ कहने वाली आस्था सिंह होंगी। मैंने आस्था सिंह के खिलाफ जनसुनवाई पोर्टल पर एक शिकायत की है।
ऋतु त्रिपाठी ने बताया कि 6 नवंबर 2024 को मैंने एचडीएफसी बैंक की पनकी ब्रांच में जॉइनिंग ली थी। 31 दिसंबर 2024 की रात 11 बजे मुझे छोड़ा गया, जबकि मैंने वहां सबको बताया था कि मेरी 8 महीने की बेटी है।
मैं उसे घर में छोड़कर आती हूं। पति उसे अकेले नहीं संभाल सकते। इसके बाद भी मुझे समय से नहीं छोड़ा जाता था। मुझे टॉर्चर किया जाता था। मेरे ऊपर मेंटल प्रेशर था। इसी वजह से मैंने रिजाइन दिया।
जब मैं लेट हो जाती थी तो ब्रांच मैनेजर सुमित सिंह मुझसे कहते थे कि आप मेरे साथ जॉइंट कॉल पर क्यों नहीं जाती हो। मुझे अपने केबिन में बुलाते थे। मैं लेट होती तो कहते थे कि मैं छोड़ आऊंगा तुम्हें। इसीलिए उन्हें मेरे पति का वहां आना पसंद नहीं था। जब मैं ब्रांच मैनेजर की बातों को मना करती थी तो कहते थे कि रिजाइन दे दो।
ऋतु के पति ऋषि मिश्रा ने बताया कि पीठ पीछे तो राष्ट्रपति पर भी लोग आरोप लगा देते हैं। बैंक के सीसीटीवी फुटेज देखे जाएं, उसमें साफ दिखेगा कि पहले बदतमीजी किसने की। जब मुझे पता चला कि मेरी पत्नी और बहन के साथ अभद्रता हुई है, तब मैं बैंक पहुंचा।
आस्था सिंह द्वारा मानहानि का केस दर्ज कराने की बात पर उन्होंने कहा कि शिकायत किस बात की? मैं बेइज्जती भी सहूं और मानहानि का केस भी सहूं। सीधे तौर पर यह मान लिया जाए कि ब्राह्मण होना पाप है। अगर मुझे वीडियो वायरल करना होता तो मैं 7 जनवरी को ही इसे वायरल कर देता।
वीडियो कहां से वायरल हुआ, यह तो मुझे भी नहीं पता है। जब वीडियो मेरे पास आया तो मैंने किसी को शेयर नहीँ किया। हम लोगों ने आस्था की शिकायत की है। इसके अलावा हम कुछ नहीं कर सकते। मेरा इतना ही गुनाह है कि मैं जाति से ब्राह्मण हूं। सिर्फ और सिर्फ ब्राह्मण हूं, इसलिए मुझे दबाया जा रहा है। मुझे लग रहा है कि इस देश में ब्राह्मण होना गुनाह है।






