February 12, 2026

संवाददाता

कानपुर। एक प्राइवेट हॉस्पिटल के एनआईसीयू के वॉर्मर मशीन में आग लग गई। इससे उसमें भर्ती एक मासूम बच्ची जिंदा जल गई। बच्ची तड़पती रही, पूरा शरीर जलकर काला हो गया, उसकी चमड़ियां उधड़ गईं। चेहरा, छाती, पेट, जांघ बुरी तरह झुलस गया।
लापरवाह स्टाफ बच्ची को बचा न सका। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामला बिठूर के ब्रह्मनगर स्थित राजा नर्सिंग होम का है। नवजात बच्ची की बुआ ने बिठूर थाने में अस्पताल के खिलाफ तहरीर दी है।
बाकरगंज निवासी अरुण निषाद प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी बिट्टू है। अरुण निषाद ने बताया- पत्नी को लेबर पेन हुआ। उन्हें राजा हॉस्पिटल लेकर आए। डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। दोपहर करीब 4 बजे ऑपरेशन के बाद बिट्‌टू ने बेटी को जन्म दिया। बिट्‌टू की ये पहली संतान थी।
डॉक्टरों ने पत्नी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया। बेटी को हॉस्पिटल के एनआईसीयू में भर्ती करा दिया। देर शाम एनआईसीयू के वॉर्मर मशीन यानी जिस पर बच्ची लेटी थी, उसमें आग लग गई। बच्ची की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। चार-पांच घंटे तक हॉस्पिटल स्टाफ ने इस घटना हो छिपाए रखा।
पिता अरुण निषाद ने कहा- जब हम बच्ची को दिखाने के लिए कहते तो स्टाफ भर्ती होने की बात कहता। देर शाम को हमने कई बार बोला कि बेटी को दिखाओ। जब हमने गुस्सा किया तो स्टाफ ने घटना के बारे में बताया। हॉस्पिटल स्टाफ की लापरवाही के कारण ये हादसा हुआ है। मेरी बेटी की मौत के जिम्मेदार हॉस्पिटल वाले हैं। हॉस्पिटल बंद होना चाहिए। पूरे स्टाफ पर कार्रवाई होनी चाहिए। 
परिजनों ने बच्ची की मौत के बाद हंगामा किया। इस पर हॉस्पिटल मैनेजमेंट उन्हें मनाने लगा। परिजनों का कहना है कि मैनेजमेंट ने मामला रफा-दफा करने के लिए 2 लाख रुपए का लालच दिया। लापरवाही की भेंट चढ़ी मासूम की कीमत सुन परिवार वाले और भड़क गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया।
बच्ची की दादी प्रेमा ने कहा कि मैं बिटिया को देखने के लिए परेशान थीं। मुझे खुशी थी कि मेरे घर लक्ष्मी आई है। मगर, वह लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी थीं। जिसे धरती का भगवान कहा जाता है, उसके सिस्टम और स्टाफ ने बच्ची की जान ले ली। मां अपनी बच्ची को जिंदा सीने से भी न लगा सकी। हिम्मत नहीं हो रही कि उसे कैसे बताऊं कि उसकी बेटी जिंदा जल गई।
एसीएमओ रमित रस्तोगी ने कहा- घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम गठित की गई है। 24 घंटे के अंदर टीम से जवाब मांगा गया है। हॉस्पिटल का पंजीकरण है, ऐसी घटना किस वजह से हुई इसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
बिठूर थाना प्रभारी अशोक सरोज ने बताया- परिवार वालों से बात की जा रही है। एनआईसीयू में नवजात बच्ची भर्ती थी। एनआईसीयू में आग लगने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। इससे उसकी मौत हो गई। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। 

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