
संवाददाता
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर अपनी स्थापना की 61वीं वर्षगांठ मना रहा है। विश्वविद्यालय में सर सी वी रमन के नाम से कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। सी.वी. रमन अनुसंधान अनुदान योजना के तहत इस बार 60 शोध परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है।
गौरतलब है कि भौतिकी के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार विजेता सर सी वी रमन का कानपुर विश्वविद्यालय से गहरा जुड़ाव रहा है। फरवरी 1970 में सर सी वी रमन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म कॉलेज में एक समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आए थे। तब महाविद्यालय में आयोजित विशेष व्याख्यान में सर सी. वी. रमन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक जिज्ञासा, अनुशासन और प्रयोगात्मक सोच के महत्व पर बल दिया था। उन्होंने कहा था कि “विज्ञान केवल पुस्तकों में नहीं, बल्कि प्रयोगशाला और प्रकृति के अवलोकन में जीवित रहता है।” अपने संबोधन में उन्होंने अपने प्रसिद्ध “रमन प्रभाव” की खोज का अनुभव साझा किया था और बताया था कि कैसे साधारण प्रयोगों से भी असाधारण वैज्ञानिक निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।
आज सर सी वी रमन के नाम पर चल रही शोध परियोजनाएं उन्हे सच्ची श्रद्धांजलि ही नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय, देश में वैज्ञानिक सोच के वातावरण के निर्माण की दिश में सशक्त प्रयास भी है। सीएसजेएमयू अपनी स्थापना के 61वें वर्ष में उन्हे शत शत नमन करता है।






