February 13, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
बर्रा में एक अधिवक्ता की माँ ने देर शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर शाम को ज़ब अधिवक्ता घर पहुंचे तो मां के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफ़ी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजन दूसरे दरवाज़े से अंदर दाखिल हुए तो महिला का शव फंदे से लटकता देख सभी के होश उड़ गए। परिजनों ने 112 नंबर डायल कर सूचना पुलिस को दी।
बर्रा थाना क्षेत्र के अस्सी फिट रोड निवासी आलोक पेशे से अधिवक्ता है। परिवार में पिता कैलाश नाथ कटियार, माँ विनय लता कटियार और छोटा भाई अजीत कटियार है। आलोक ने बताया की मां की आंतो में इंफेक्शन होने की वजह से करीब पांच साल से ईलाज चल रहा था। जिससे वह काफी परेशान रहती थीं।
मां का हैलट हॉस्पिटल से इलाज भी चल रहा था। वह रोज़ की तरह कानपुर कोर्ट चले गए थे पत्नी अमिता अपने छोटे भाई को देखने हॉस्पिटल चली चली गई थीं। घर पर माँ अकेली थीं। तभी मां ने मेन गेट का कुंडा ऊपर से बंद कर दिया। और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर साड़ी से पंखे के सहारे लटक कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर शाम करीब 6 बजे ज़ब वह कचहरी से घर पहुँचे तो मेन गेट खोलकर अंदर गए तो माँ के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
काफ़ी देर तक खटखटाने पर भी ज़ब अंदर से कोई आहट नहीं मिली तो वह दूसरे दरवाजे से अंदर दाखिल हुए तो माँ का शव पंखे से फंदे के सहारे लटकता देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल 112 नंबर डायल करके घटना की सूचना पुलिस को दी।
जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच पड़ताल करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बर्रा थाना प्रभारी ने बताया कि महिला पांच सालों से बीमार थी। जिसका इलाज चल रहा था। जिससे परेशान होकर उन्होंने फांसी लगाकर जान दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है 

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