
संवाददाता
कानपुर। सफीपुर क्षेत्र में स्थित एक गोशाला में गौवंशों की मौत के बाद मृतकों के शव खुले में फेंकने का मामला सामने आया है। गोशाला के पास ही बने प्राचीन मंदिर में रहने वाले दंडी स्वामी ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करके अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्वामी ने आरोप लगाया कि गोशाला में नियमित रूप से गौवंशों की मौत हो रही है और मृत पशुओं को अब गंगा किनारे छोड़ दिया जाता है। इससे आवारा कुत्ते और कौवे शव नोच-नोचकर खा रहे हैं और मंदिर के चबूतरे तक मांस के टुकड़े पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर की पवित्रता भंग हो रही है।
स्वामी का कहना है कि पहले मृतक पशुओं को गोशाला के पास बगीचे में दफनाया जाता था, लेकिन अब यह परंपरा बदल गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि गोशाला की नियमित निगरानी करके ऐसी घटनाओं को रोका जाए। दंडी स्वामी ने कहा कि यह केवल धार्मिक और भावनात्मक मसला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई का भी गंभीर मुद्दा है।
खंड विकास अधिकारी सरसौल निशांत राय ने इस मामले पर कहा कि वायरल वीडियो पुराना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले भी इसी गोशाला में पचास से अधिक गौवंशों की मौत का वीडियो वायरल हुआ था। उस समय अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की थी और सुधार के निर्देश दिए थे। लेकिन दंडी स्वामी का आरोप है कि इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है, जिससे इलाके में लोगों में चिंता बढ़ गई है।





