
संवाददाता
कानपुर। ब्रम्हनगर में जहां सड़क धसी वहां अब 7 मकानों के ढहने का खतरा बना हुआ है। इस एरिया के करीब 100 से ज्यादा व्यापारियों का 5 करोड़ का व्यापार ठप हो गया। इसकी वजह से 500 से ज्यादा श्रमिक प्रभावित हुए है। दो महीने से चल रहा पानी का रिसाव अभी तक बंद नहीं हो पाया है।
कानपुर शहर के बृहमनगर से ईदगाह रोड चौराहा के हर्षनगर के वार्ड नंबर 37 में 15 मीटर लंबाई और 20 फिट गहरी सड़क धस गई है, अब वहां के आसपास के 7 मकान और दुकान में नगर निगम ने घर खाली करने के लिए नोटिस लगाए है।
नोटिस में नगर निगम ने लिखा है- सड़क और फुटपाथ दोनों धंस गए हैं। मिट्टी का कटाव लगातार हो रहा है। जल्द से जल्द अपने-अपने भवनों को सुरक्षित कराते हुए खाली कर दें। जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
कानपुर में जहां सड़क धंसी है, उसी के पास में मकान सुनीता गुप्ता का है। सुनीता के पति की मृत्यु हो चुकी है। अब वह अपने घर में दो मासूम बच्चे और अपनी बहन के साथ रहती हैं। नगर निगम की टीम ने कल रात में जाकर के यहां के आस पास के 7 मकानों को खाली करने के नोटिस लगाए हैं।
सुनीता गुप्ता बताती हैं कि ये हादसा कल सुबह हुआ है। कल सब लोग देखने आए थे, लेकिन अभी तक कोई भी काम शुरू नहीं हुआ है। हमको बहुत डर लग रहा है, नोटिस लगा के गए है चले जाओ। मेरे घर में दो छोटे बच्चे हैं। हसबैंड एक्सपायर हो गए है, हम कहां जाएं। हम लोगों को रहने के लिए जगह देनी चाहिए। ये समस्या 2 महीने से चल रही है, कोई सुनने वाला नहीं है।
विमला ने बताया कि मैं अपने बहन के घर रहती हूं। हमारे दो छोटे- छोटे बच्चे हैं। अब वह और हम सब डर रहे हैं। हम लोगों को मकान खाली करने के लिए नोटिस दे दिया गया है। हम लोग कहां जाएं। नगर निगम को पहले सुनवाई करनी चाहिए थी। लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
ईदगाह चौराहा से बृहमनगर चौराहा तक सड़क के दोनों छोर पर कार बाजार की करीब 100 दुकाने सजी हुई रहती थी। इस वक्त इसमें कुछ दुकाने बंद हैं। और बाकी दुकानों पर ग्राहक नही है। क्योंकि बीच में सड़क धसी हुई है और वाहनों का आवागमन रुका हुआ है।
दुकानदार सनित दिवाकर ने बताया कि 2 महीने से रिसाव हो रहा था। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। रोज गड्डा होता था जिसको मिट्टी से भरवा दिया जाता था। अब ये पूरा रोड धस गया है। व्यापार चौपट हो गया है। अभी तक कोई भी काम नजर नहीं आ रहा है। यहां पर करीब 50 से ज्यादा दुकानों का काम बंद है।
जिससे लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। लेवर आने के बाद बैठी रहती है और घर चली जाती है। अधिकारी और नेता- विधायक सब गायब है। कोई भी सुनने वाला नहीं है।
अधिकारियों ने काम की जगह, केवल नोटिस चिपकाए
सुधीर शुक्ला ने बताया कि मेरी दुकान से गड्ढा महज 2 फीट की दूरी पर है। ये सड़क गुरुवार सुबह 8 बजे धंसी थी। दोनों तरफ से सड़क बंद है। करीब 40 दुकानें पूरी तरह से प्रभावित हैं। कल से लेकर आज तक कोई काम नहीं हुआ है।
अगर काम शुरू हो जाए तो उम्मीद है। महीने दो महीने में काम खत्म हो जाएगा, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम ने अभी तक केवल नोटिस चिपकाया हुआ है। कोई भी काम शुरू नहीं हुआ है।
व्यापारी विकास ने बताया कि इस सड़क पर दो महीने पहले पानी का काम शुरू हुआ था। तब से सड़क धंस रही थी। लेकिन दो दिन पहले ये सड़क पूरी तरीके से धंस गई है। इस सड़क के धंसने से करीब 100 दुकानों का 5 करोड़ का व्यापार अब ठप हो गया है। जल्दी से जल्दी रास्ता सही होना चाहिए।
पार्षद पवन गुप्ता ने बताया ये नगर निगम और जलकल की घोर लापरवाही है। आज से दो महीने पहले यहां पर आधी रोड धसी थी। तब बताया गया था मकान वालों नें पानी कीलाइन डाल दी। इस लिए मिट्टी धंसी और गड्डा हो गया।
तब जलकल ने कहा हमने करा दिया। लेकिन इन्होंने लीपापोती के अलावा कुछ नहीं किया। आज डर इस कदर लगा रहा है। वीडियो में सड़क ऐसे धंस रही है। जैसे केदारनाथ में प्रलय आई थी। इस समय जलकल और नगर निगम एक दूसरे को दोष दे रहा है। लेकिन जिम्मेदार तो पूरी बॉडी नगर निगम है। बृहमनगर चौराहे से ईदगाह चौराहे तक प्रतिदिन करोड़ों के व्यापार का नुकसान हो रहा है।






