January 22, 2026

संवाददाता
कानपुर।
जाजमऊ पुलिस ने सेवानिवृत्त एसबीआई कर्मी के बंद मकान से हुई करीब 35 लाख रुपए की ज्वैलरी चोरी का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले एक सुनार को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने चोरी गए माल का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा बरामद कर लिया है।
बुधवार दोपहर पुलिस ने आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया, इस दौरान आरोपी फिरोज उर्फ अजमेरी मुस्कुराता रहा। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, चोरी की घटना 12 जनवरी की रात को हुई थी। मामले के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई थीं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक आरोपी घटना से एक दिन पहले मकान की रेकी करता हुआ दिखाई दिया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने बेकनगंज निवासी फिरोज उर्फ अजमेरी को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ में उसने सनिगवां, कांशीराम कॉलोनी निवासी अंकित के साथ मिलकर चोरी की बात कबूल की।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चोरी की ज्वैलरी को अंकित की मां के जरिए नौबस्ता निवासी सुनार अनुराग त्रिपाठी को बेचा गया था। पुलिस ने सुनार अनुराग त्रिपाठी को भी गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया गया।
पीड़ित सेवानिवृत्त एसबीआई कर्मी सुधीर अग्रवाल के बेटे चंदन ने बताया कि उनका पूरा परिवार 8 जनवरी को राजस्थान स्थित दिगंबर मंदिर दर्शन के लिए गया था। 12 जनवरी को पड़ोसियों ने घर का ताला टूटा होने और चोरी की सूचना दी। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी।
जाजमऊ पुलिस के मुताबिक, फिरोज ने बताया कि चोरी का पूरा माल अंकित अपने साथ ले गया था। जब फिरोज ने अपने हिस्से की मांग की तो अंकित ने कह दिया कि सारा माल नकली है। इसी बात से नाराज होकर फिरोज ने पुलिस के सामने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बरामद ज्वैलरी को सील करके आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 

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