January 22, 2026

संवाददाता
कानपुर।
  जिला पंचायत के विकास कार्यों में एक और घोटाले का आरोप सामने आया है। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि सालभर पहले कागजों में 1500 मीटर सड़क निर्माण दिखाकर भुगतान करा लिया गया, जबकि मौके पर सिर्फ 1100 मीटर ही डामर रोड बनाई गई। शिकायत उठते ही ठेकेदार ने रातों-रात काम शुरू कर पुराने भ्रष्टाचार को ढकने की कोशिश की है।
घाटमपुर क्षेत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य पहले भी विवादों में रहे हैं। हाल ही में स्ट्रीट लाइट घोटाले का मामला ठंडा ही पड़ा था कि अब सड़क निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लग गया। जिला पंचायत सदस्य राजनारायण कुरील ने पूरे मामले की शिकायत डीएम से करने की बात कही है। 

ग्रामीण भगवती प्रसाद ने बताया कि रात में अचानक गाड़ियों से मैटेरियल आया और काम शुरू हो गया। जब पूछा गया कि सड़क कौन बनवा रहा है, तो कोई साफ जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि रात में मैटेरियल डालने से गांव की नालियां भर गई हैं, जिससे आगे जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है।
घर के बरामदे में बैठे रमेश चंद्र ने बताया कि सड़क का काम अचानक रात से शुरू हुआ। काम कर रहे लोगों ने सिर्फ इतना कहा कि जल्दी सड़क बनानी है। गांव के युवा रिंकू पाल का कहना है कि सड़क को एक ट्यूबवेल तक ले जाया जा रहा है, जबकि गांव की सड़क एक साल पहले ही बन चुकी थी। उनके मुताबिक, नई सड़क से गांव में जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाएगी।
गांव के किनारे नाली खोद रहे आनंद पाल ने बताया कि एक साल पहले जिला पंचायत से सड़क बनवाई गई थी। अब दोबारा निर्माण समझ से परे है। उनका आरोप है कि पहले सड़क में भ्रष्टाचार हुआ था और शिकायत के बाद ठेकेदार अब बचने के लिए अधूरा काम पूरा करने में जुटा है।
पतारी से जिला पंचायत सदस्य राजनारायण कुरील ने आरोप लगाया कि हरबसपुर डामर रोड से झंडापुर गांव तक सड़क निर्माण के लिए जिला पंचायत ने तीन टेंडर निकाले थे। फाइलों में सड़क की कुल लंबाई करीब 1500 मीटर दर्शाई गई और करीब 74 से 75 लाख रुपये की लागत स्वीकृत हुई। निर्माण कार्य ठेकेदार पीयूष कुशवाहा की फर्म कौशल राज कंस्ट्रक्शन को दिया गया। आरोप है कि मौके पर सिर्फ 1100 मीटर सड़क बनी, लेकिन 1500 मीटर का भुगतान एक साल पहले ही करा लिया गया।
राजनारायण कुरील के मुताबिक, उन्होंने 16 जनवरी को जिला पंचायत की बैठक में मामला उठाया था। इसके बाद ठेकेदार ने आनन-फानन में दोबारा काम शुरू कराया और रात में मटेरियल गिराकर बचे 400 मीटर सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला पंचायत सदस्य ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ग्रामीणों से कह रहा है कि सड़क ब्लॉक प्रमुख, विधायक या सांसद के माध्यम से बनवाई जा रही है, ताकि असली सच सामने न आए। जबकि हकीकत यह है कि यह काम एक साल पहले टेंडर के जरिए पूरा दिखाकर भुगतान लिया जा चुका है।
राजनारायण कुरील का दावा है कि संबंधित ठेकेदार ने जिला पंचायत क्षेत्र में 4 से 5 करोड़ रुपये के सीसी रोड, डामर रोड और खड़ंजा मार्ग बनाए हैं, जिनमें भी इसी तरह के गबन की आशंका है। उन्होंने सभी कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है
इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने बताया कि हरबसपुर से झंडापुर की सड़क तीन हिस्सों में बननी थी। जितना काम हुआ, उतना ही भुगतान हुआ है। उन्होंने आरोपों को आपसी मनमुटाव का नतीजा बताया और कहा कि शिकायत के बाद शेष काम पूरा कराया जा रहा है। 

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