
संवाददाता
कानपुर। सीटीआई नहर में सफाई के नाम पर निकाली गई गंदगी अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। करीब एक सप्ताह पहले नहर की सफाई के दौरान कचरा उठाकर सड़क पर डाल दिया गया था, जिससे इलाके के लोगों को आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही है।
उड़ती धूल, बदबू और गंदगी के बीच लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। सांस लेने में दिक्कत हो रही। स्थानीय लोगों ने कहा कि हफ्तेभर से ये दिक्कत बनी है। अभी तक कचरा हटाया नहीं गया। इस ओर कोई भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ध्यान तक नहीं दे रहे हैं।
हर साल की तरह इस साल भी सिंचाई विभाग ने नहर सफाई का काम शुरू किया हैं। इस नहर को सीटीआई से लेकर दादानगर तक सफाई करके सिल्ट को निकालकर रास्ते में डाल दिया गया हैं। अब इस सफाई से लोग गंदगी से परेशान हो गए हैं। करीब 1 किलो मीटर तक उड़ते धूल के गुब्बार लोगों के लिए बीमारी भी पैदा कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिल्ट इतनी ज्यादा है कि सड़क का आधा हिस्सा बंद हो गया है। सुबह और शाम के समय जब दफ्तर और बाजार आने जाने वालों का दबाव बढ़ता है, तब यहां जाम की स्थिति बन जाती है। आमने-सामने से दो वाहन आ जाएं तो लंबा जाम लग जाता है।
इसके कारण रोजाना वाहन फिसल रहे हैं और लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। करीब चार हजार की आबादी इस समस्या से सीधे प्रभावित हो रही है और दिनभर धूल फांकने को मजबूर है।
क्षेत्रीय निवासी राजेश ने बताया कि हफ्ते भर से सिल्ट ऐसे ही बाहर पड़ी है। आए दिन कोई न कोई इसमें गिर जाता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। रोज जाम लगता है और लोगों को निकलने में भारी दिक्कत होती है।
वहीं, लक्ष्मी ने कहा कि इतनी गंदगी और धूल के बीच रहना मुश्किल हो गया है। दुकानदारी तक प्रभावित हो रही है। जनप्रतिनिधि यहां से रोज गुजरते हैं, लेकिन समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उधर वार्ड 34 के पार्षद नीरज गुप्ता ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी सिंचाई विभाग द्वारा नहर की सफाई कराई जा रही है। काफी लंबी नहर की सफाई चल रही है और सिल्ट को जल्द हटवाया जाएगा। इस संबंध में सिंचाई विभाग से बातचीत की जा रही है।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता गोविंद सिंह ने बताया कि फिलहाल नहर की सफाई का कार्य जारी है। जो सिल्ट निकाली गई थी उस टाइम काफी गिली थी, तो उठाया नहीं जा सकता है। ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया है कि जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा।
फिलहाल सीटीआई नहर क्षेत्र के लोग प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि जाम, धूल और गंदगी से उन्हें निजात मिल सके और सामान्य जनजीवन फिर से पटरी पर आ सके।






