
संवाददाता
कानपुर। बिल्हौर क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर के एक विवादित बयान ने शहर की राजनीति में हलचल मचा दी है। विधायक के बयान पर समाजवादी पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है, वहीं मुस्लिम संगठनों ने इसे हेट स्पीच बताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। सपा विधायक मो. हसन रूमी ने भाजपा विधायक को खुले तौर पर चुनौती भी दे दी है।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जाजमऊ स्थित मदीना मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्र हुए और भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर-बैनर लेकर नारेबाजी की और विधायक पर एफआईआर दर्ज करने तथा भाजपा से निष्कासित करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विधायक ने बिना किसी जांच के मस्जिदों को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिया है, जिससे पूरे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। जाजमऊ निवासी मोहम्मद शफीक ने कहा कि यह सीधी तौर पर हेट स्पीच है और इस पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं मोहम्मद अशरफ बाबू ने कहा कि जैसे अन्य नेताओं पर हेट स्पीच के मामलों में कार्रवाई हुई है,वैसे ही भाजपा विधायक पर भी होनी चाहिए।
दरअसल, बीते सोमवार की रात बिल्हौर के दुर्गा मंदिर के पास एक खेत में करीब 100 गोवंश के अवशेष मिलने से इलाके में तनाव फैल गया था। इस मामले को लेकर भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर बिल्हौर थाने पहुंचे थे, जहां एडीसीपी कपिल देव सिंह और पुलिसकर्मियों के सामने उन्होंने 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया था। इसी दौरान विधायक ने कहा था कि यदि तय समय में गिरफ्तारी नहीं हुई तो बिल्हौर की सभी मस्जिदों के दरवाजों पर सुअर की बोटियां फेंकी जाएंगी।इस बयान के बाद थाने में मौजूद उनके समर्थकों ने जय श्रीराम के नारे भी लगाए थे।
भाजपा विधायक के इस बयान पर सपा विधायक मो. हसन रूमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बयान हेट स्पीच की श्रेणी में आता है और पुलिस प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए एक पूरे धर्म को निशाना बनाया है और धार्मिक स्थलों को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की है।हसन रूमी ने चुनौती देते हुए कहा, “जिन लोगों को धमकी दी जा रही है, उन्होंने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। अगर किसी विधायक ने इस तरह का भड़काऊ बयान दिया है तो पुलिस और कोर्ट को सीधे एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब विपक्ष के नेता बयान देते हैं तो उन पर कार्रवाई होती है, लेकिन सत्तापक्ष के नेताओं को संरक्षण दिया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के गैरकानूनी कार्य या गोवंश कटान का समर्थन नहीं करते, लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए। सभी धार्मिक स्थलों—चाहे मंदिर हों, मस्जिद हों या गिरिजाघर—की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल और पीएसी मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो चुका था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





