
संवाददाता
कानपुर। भाजपा नेता रवि सतीजा पर रेप का फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर रंगदारी वसूलने के मामले में फरार चल रहे आरोपी अभिषेक बाजपेई के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। इसके साथ ही दूसरे आरोपी विमल को 30 दिन में हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। तय समय में विमल सामने नहीं आया तो उसके खिलाफ भी कुर्की आदेश जारी किया जा सकता है।
भाजपा नेता रवि सतीजा पर फर्जी रेप केस करा कर 50 लाख रंगदारी मांगने के मामले में नौबस्ता पुलिस ने फरार चल रहे आरोपियों अभिषेक बाजपेई और विमल यादव के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई के लिए अर्जी दी थी। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि रंगदारी वसूलने के इस मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा, टोनू यादव समेत अन्य लोग जेल जा चुके हैं, जबकि आरोपी अभिषेक बाजपेई और विमल यादव फरार चल रहे है।
आरोपियों के खिलाफ वर्तमान में गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। दबिश के बाद भी दोनों हाथ नहीं लगे हैं। वह अपनी संपत्ति भी खुर्द बुर्द करना चाहते हैं, ऐसे में आरोपियों के खिलाफ कुर्की कार्रवाई करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई थी।
इस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम सूरज मिश्रा ने अभिषेक बाजपेई के खिलाफ कुर्की आदेश जारी किए हैं, जबकि विमल को पुलिस के सामने पेश होने के लिए 30 दिनों का समय दिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित करने के लिए उच्चाधिकारियों से संस्तुति की गई है। जल्द ही आरोपियों पर इनाम घोषित होगा।
वक्फ संपत्ति पर कब्जे के मामले में आरोपी सर्वेश दुबे का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र जिला जज अनमोल पाल ने खारिज कर दिया है, यह उसका दूसरा प्रार्थना पत्र था। सर्वेश ने पहला प्रार्थना पत्र वापस लेते हुए नॉट प्रेस कर लिया था। मोईनुद्दीन आसिफ जाह शेख आसिफ जाह ने ग्वालटोली थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना, धमकाने, रंगदारी वसूलने और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सिविल लाइंस स्थित वक्फ शेख फखरुद्ददीन हैदर की संपत्ति पर अखिलेश व उसके साथियों ने धोखे से कब्जा कर लिया। जमीन 99 साल के पट्टे पर वर्ष 1911 में दी गई थी। संपत्ति वर्ष 2010 तक सिर्फ इस्तेमाल की जा सकती थी, उसे हस्तांतरित करने का अधिकार किसी को नहीं था। विजिलेंस की जांच के बाद वर्ष 2016 में एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी, इसमें चार्जशीट भी लग चुकी है। बेदखली की कार्रवाई चल रही थी लेकिन अखिलेश ने साथियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों से वक्फ संपत्ति कब्जा ली। इसी मामले में सर्वेश भी आरोपी है।
डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि सर्वेश की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है।





