
संवाददाता
कानपुर। नगर में शीतलहर और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच जिला प्रशासन ने राहत अभियान तेज कर दिया है। तहसील सदर क्षेत्र में देर रात तक विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे खुले में जीवन गुजार रहे जरूरतमंदों को ठंड से बचाने की व्यवस्था की गई। प्रशासनिक टीमें उन इलाकों में पहुंचीं, जहां ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा था।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह और तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के आसपास डेरा डाले लोगों से संवाद किया। मौके पर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए और खुले में सो रहे लोगों को निकटस्थ रैन बसेरों में पहुंचाकर सुरक्षित आश्रय दिलाया गया।
कई स्थानों पर टीम ने लोगों को समझाकर खुले में रुकने से रोका और ठंड से बचाव के लिए रैन बसेरों में ठहरने के लिए प्रेरित किया।
अभियान के तहत शहर में एक नई तकनीकी पहल भी शुरू की गई है। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड युक्त स्टिकर लगाए गए हैं। इन्हें स्कैन करने पर संबंधित क्षेत्र के रैन बसेरों की लोकेशन, उपलब्ध सुविधाएं और केयरटेकर का मोबाइल नंबर एक ही स्क्रीन पर मिल जाएगा। इससे यात्रियों, प्रवासियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को रैन बसेरों की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।
एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने बताया कि शीतलहर के दौरान खुले में रह रहे लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों की क्षमता, साफ-सफाई, कंबल और हीटर की व्यवस्था पर लगातार निगरानी की जा रही है और ठंड की अवधि में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।





