January 21, 2026

संवाददाता
कानपुर।
एक महिला ने जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंच कर गुहार लगाई कि सर मुझे मेरा मोंटी वापस दिलवा दीजिए, वह मेरा बच्चा है। उसे हमने बहुत प्यार से पाला है। हम उसके बिना जी नहीं सकते।  

महिला की फरियाद के बाद डीएम तुरंत एक्शन में आए और 1 घंटे के अंदर ही उसके पालतू डॉग को वापस दिलवा दिया। अपने डॉग मोंटी को पाकर महिला बहुत खुश हुई और डीएम सर का शुक्रिया कहा।
कल्याणपुर में फरहा नाज रहती हैं। उन्होंने बताया कि हमने एक डॉग मोंटी को 8 महीने पहले लकवाग्रस्त हाल में गोद लिया था। हमने उसे बच्चे की तरह पाला। 18 दिसंबर को छपेड़ा पुलिया के एक डॉग हाउस में 3 दिन के लिए फॉस्टर कराया। जब 21 दिसंबर को मोंटी को वापस मांगा तो डॉग सेंटर की संचालिका ने टाल मटोल शुरू कर दिया और बोली कि हम यह डॉग आपको नहीं दे सकते हैं। उसके नाजुक अंग से ब्लड निकल रहा है। इमरजेंसी के बाद भी मेरे मोंटी को मुझे नहीं दिया गया। उन्होंने अपने ही पशु डॉक्टर से उसका उपचार करा दिया।
फरहा नाज ने बताया कि दोबारा 30 दिसंबर को जब वह मोंटी को वापस लेने पहुंचीं तो उनके साथ मानसिक प्रताड़ना की गई और झूठे आरोप लगाए गए। उसी दिन मोंटी को एसपीसीए से जुड़ी एक महिला को सौंप दिया गया। जबकि मेरे पास उसका लाइसेंस भी है। सभी कागज भी हैं। मैं उसका इलाज भी अच्छे डॉक्टर से कराती हूं।
महिला की भावुक गुहार सुनने के बाद डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीवीओ को तत्काल कुत्ता वापस दिलाने के आदेश दिए। करीब एक घंटे में ही फरहा नाज को उनका पालतू कुत्ता मोंटी वापस मिल गया। अपने पालतू कुत्ते से मिलते ही फरहा नाज भावुक हो गईं।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महिला और उसके पालतू कुत्ते के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव है, इसे देखते हुए कुत्ते को उसकी मालकिन को वापस दिलाया गया। 

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