February 14, 2026

संवाददाता
कानपुर।
पीएम मोदी और एक भाजपा नेता की मुलाकात की तस्वीर पर सियासत शुरू हो गई है। एयरपोर्ट पर संदीप ठाकुर ने पीएम मोदी का हाथ जोड़कर स्वागत किया। उन्होंने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। सपा और कांग्रेस ने पीएम मोदी और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सपा ने एक्स पर लिखा कि मोदी जी जनता को गुमराह कर रहे हैं, वो खुद अपराधियों के साथ खड़े हैं। वहीं, कांग्रेस ने लिखा कि ये कानपुर का अपराधी है। पीएम मोदी दूसरी बार इसके साथ खड़े हैं। मतलब मोदी जी को अपराधियों से कोई दिक्कत नहीं।
विवाद के तूल पकड़ने के बाद डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बयान जारी किया। उन्होंने दावा किया कि तस्वीर वायरल होने के बाद संदीप के आपराधिक मामलों की पड़ताल की गई। सामने आया कि 2019 में संदीप ठाकुर की हिस्ट्रीशीट खत्म की जा चुकी है। हालांकि यह नहीं बताया कि कैसे हिस्ट्री शीट खत्म कर दी गई।
हत्या के मामले में भी उसे कानपुर कोर्ट ने दोषमुक्त किया था। उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में अधिकांश खत्म हो चुके हैं। अब कोर्ट खुलने के बाद उसके आपराधिक मामलों का करंट स्टेटस सामने आएगा। संदीप के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
संदीप ठाकुर इस समय भाजपा के रीजनल कोऑर्डिनेटर इलेक्शन कमीशन हैं। वे पहले भी विवादों में रहे हैं।
सपा ने लिखा कि थाना बर्रा कानपुर का हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर, गुंडा, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे जघन्य मामलों में नामजद संदीप ठाकुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी से मिल रहा है और मिलकर तस्वीर भी पोस्ट कर रहा है। भाजपा सत्ता में आएगी तो अपराधियों को राजनीति से भगाएगी कहकर सत्ता में आए प्रधानमंत्री मोदी बताएं कि वे हिस्ट्रीशीटरों, वांटेड माफियाओं, हत्यारों, बलात्कारियों और भ्रष्टाचारियों के साथ क्यों हैं? क्या मजबूरी है? इसका मतलब जनता को गुमराह किया था आपने? इसका मतलब जनता से झूठ बोला था आपने? जनता भाजपा का असल चाल चरित्र और चेहरा देख रही है और भाजपा को वोट देने का पश्चाताप कर रही है। भाजपा अपराधियों, बलात्कारियों, भ्रष्टाचारियों से युक्त एक दलदल है जिसके शीर्ष नेताओं का अपराधियों पर वरदहस्त और संरक्षण है।
कांग्रेस ने लिखा कि प्रधानमंत्री के साथ खड़ा यह शख्स संदीप ठाकुर है, अब इसका आपराधिक रिकॉर्ड जानिए। ये कानपुर के बर्रा थाना का हिस्ट्रीशीटर है। इस पर हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, बलवा, मारपीट और अवैध असलहे के खरीद-फरोख्त समेत कई गंभीर धाराओं के कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही इस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून भी लग चुका है। अब डबल इंजन की सरकार के इस दुलारे से प्रधानमंत्री की नजदीकियों को भी जानिए। प्रधानमंत्री से कानपुर एयरपोर्ट पर विदाई के वक्त मिलने वाले 25 लोगों की सूची में इसका नाम 22वें नंबर पर दर्ज था। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के साथ इसकी यह दूसरी मुलाकात है। मतलब साफ है कि मोदी को अपराधियों से कोई दिक्कत नहीं। वैसे भी भाजपा और अपराधी एक दूसरे के पूरक हैं। भाजपा की वाशिंग मशीन में बड़े-बड़े अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के पाप धुल गए, इनके भी भी धुल जायेंगे।
इस मामले में सफाई देकर संदीप ठाकुर ने बताया कि मेरे ऊपर जो भी आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, सभी राजनैतिक द्वेष के चलते दर्ज कराए गए थे। छात्र राजनीति के समय का ही एक हत्या का मुकदमा था, जिसमें कानपुर कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया है। अन्य मुकदमों में भी न्यायालय या फिर पुलिस से क्लीनचिट मिल चुकी है।
मुझे राजनैतिक षड़यंत्र करके बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। मेरे अलावा दो अन्य व्यक्ति भी पीएम से मिले थे। जिनका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास और हिस्ट्रीशीट है। लेकिन, उनका कोई जिक्र नहीं कर रहा है। इससे साफ है कि कुछ लोग मुझे निशाने पर ले रहे हैं। संगठन को भी पूरी जानकारी दे दी गई है।
पीएम नरेंद्र मोदी 30 मई को कानपुर दौरे पर आए थे। इस दौरान चकेरी एयरफोर्स स्टेशन पर उनसे मिलने वालों की लिस्ट में बर्रा विश्व बैंक निवासी भाजपा के रीजनल कोआर्डिनेटर संदीप ठाकुर भी शामिल था। संदीप ने रविवार को अपने फेसबुक अकाउंट से पीएम का स्वागत करते हुए एक तस्वीर पोस्ट की।
उसने इसमें लिखा कि एक बार पुन स्वागत अभिनंदन करने का सुअवसर…। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद एवं मिशन सिंदूर की सफलता के पश्चात प्रथम कानपुर आगमन पर एक बार पुन: उनका स्वागत अभिनंदन करने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वालों में संदीप ठाकुर के साथ ही भाजपा नेता अरविंद राज त्रिपाठी और वीरेंद्र दुबे भी शामिल हैं। इन दोनों पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इतने गंभीर मुकदमों वाले भाजपा नेता की प्रधानमंत्री से मुलाकात पर सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए तो इन सभी नेताओं के आपराधिक मामलों की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अफसरों की मानें तो भाजपा नेताओं ने जो सूची दी थी। उसी सूची के आधार पर भाजपा नेताओं की पीएम से मुलाकात हुई है। एलआईयू ने भी इन नेताओं की कोई जांच नहीं की और भाजपा की सूची को ही फाइनल कर दिया। 

Related News