April 4, 2025

आ स. संवाददाता 
कानपुर।
विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में दो वर्ष से तैनात संविदा इंजीनियर रवित रंजन को नशे की हालत में जोनल प्रभारी से अभद्र तरीके से बातचीत करना भारी पड़ गया। शिकायत के बाद नगर आयुक्त ने कर्मचारी के कार्यों की जांच कराई तो कई आवासों के आवेदन लंबित मिले।
इतनी बड़ी लापरवाही पर मिशन निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने कर्मी की सेवा समाप्त कर दी है। वहीं इन सब कारनामों के पीछे विभाग में तैनात एक लेखाकार का हाथ भी बताया जा रहा है।
नगर निगम के जोन-6 में जोनल प्रभारी के रूप में रविशंकर तैनात हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी क्षेत्र में करीब 15 हजार से अधिकआवेदन आवास के लिए डूडा कार्यालय मे आए हैं। जिनके सत्यापन की जिम्मेदारी सभी जोनल प्रभारियों को दी गई है।
जोनल अधिकारी इन आवासों का सर्वे कर फोटो पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इन आवासों की सत्यापन रिपोर्ट को प्रतिदिन जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय में भेजा जा रहा है। यहां पर इसकी जिम्मेदारी सीएलटीसी इंजीनियर रवित रंजन के पास थी।
आरोप है कि बीते शुक्रवार को रात करीब 12 बजे अचानक इंजीनियर जोनल प्रभारी को कॉल करके पीएम आवासों की सत्यापन रिपोर्ट मांगने लगे। नशे में धुत इंजीनियर अभद्र तरीके से बात करने लगा। इसके बाद वह अपशब्द कहने लगा। जिसके बाद जोनल प्रभारी ने कॉल को काट दिया।
अगले दिन इस मामले की जानकारी जोनल प्रभारी ने नगर आयुक्त सुधीर कुमार को दी। उन्होंने इंजीनियर के कार्यों की जांच कराई, जिसमें पाया गया कि जिले में सैकड़ों आवेदकों के आवेदन पत्र उक्त कर्मचारी के पास  लंबित पड़े हैं।
आवेदनों को अग्रसारित ही नहीं किया गया। जांच रिपोर्ट मिशन निदेशक को भेजी गई। जिस पर उन्होंने संविदा कर्मी की सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए।