August 29, 2025

आ स. संवाददाता 
कानपुर।
नगर में स्थित आईआईटी को नेशनल ड्रोन हब बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसको लेकर सोमवार को संस्थान में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों, डिफेंस, डीआरडीओ, स्टेट होल्डर समेत विभिन्न सेक्टरों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विचार किया गया कि किस तरह से आईआईटी को ड्रोन हब के रूप में प्रभावशाली बनाया जा सकता है। इस बैठक की  जानकारी आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने दी।
प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि ड्रोन को सर्टिफिकेट की बहुत जरूरत है, लेकिन अभी यह व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसलिए हम चाहते हैं कि आईआईटी कानपुर से ही ड्रोन के सर्टिफिकेट दिया जाए। इसका प्रयास यहां पर शुरू कर दिया गया है।
ड्रोन की टेस्टिंग फैसिलिटीज आईआईटी कानपुर संस्थान में उपलब्ध हो जाए तो सबसे बेहतर होगा। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द यह फैसिलिटी संस्थान के अंदर हो, ताकि कोई कहीं से भी आकर यहां पर ड्रोन की टेस्टिंग कर सके। कौन सा ड्रोन सेफ है कौन सा ड्रोन सेफ नहीं है, इसके लिए सर्टिफिकेशन होना बहुत जरूरी है। आज हम लोगों ने मीटिंग में इन्हीं सब बिंदुओं पर चर्चा की है।
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि आईआईटी कानपुर द्वारा बनाए गए चार से पांच ड्रोन का इस्तेमाल डिफेंस सेक्टर में किया जा रहा है। यह ड्रोन काफी मददगार साबित हुए हैं। इसके लिए आगे और काम किया जाएगा। हमारा प्रयास है डिफेंस सेक्टर के अलावा अन्य सेक्टरों को भी हम मजबूत बनाएं।
प्रो. अग्रवाल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि 2025 में ही आईटी कानपुर नेशनल ड्रोन हब बन जाए। इसीलिए यहां पर केंद्र और प्रदेश सरकार के लोग भी मौजूद हैं। आने वाला समय ड्रोन पर निर्भर होने वाला है। इसलिए इस ओर काफी काम करने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि आईआईटी कानपुर एक ड्रोन हब है। यहां पर ड्रोन पर काफी काम किया जा रहा है और प्रदेश की सरकार भी चाहती है कि ड्रोन पर और काम हो। इसके लिए सरकार की तरफ से जो भी मदद होगी वह इस संस्थान को दी जाएगी। इसके लिए आज हम लोगों ने आपस में चर्चा की है। जल्द ही यहां पर बहुत कुछ नया देखने को मिलेगा।