May 16, 2026

आ स. संवाददाता 
कानपुर। मंगलवार सुबह गंगा पर बने डेढ़ सौ साल का इतिहास रखने वाले पुराने गंगा का पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। पुल के दसवें नंबर की कोठी का बड़ा हिस्सा गिरकर गंगा नदी में समा गया।

यह पुल जर्जर होने के चलते पहले ही बंद कर दिया गया था। इसलिए किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हो सकती था। लगभग 147 वर्ष पहले ब्रिटिश शासन में बनवाए गए पुराने गंगापुल की कई कोठियों में सालो पहले बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई थी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने तत्कालीन जिलाधिकारी को पुल की कोठियों में दरारों की जांच करने के बाद रिपोर्ट दी थी कि अब यह पुल वाहनों के आवागमन के योग्य नहीं बचा है और काफी जर्जर हालत में पहुंच चुका है । कानपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी ने वर्ष 2021 में इस पुल को पूरी तरह से बंद करा दिया था ।
बंद किये जाने से पहले इस पुल से हजारों चौपहिया-दोपहिया वाहनों समेत एक लाख से अधिक लोग रोज गुजते थे। कानपुर और शुक्लागंज को जोड़ने के लिए ये सबसे अहम मार्ग था।
अंग्रेजों ने कानपुर को उन्नाव-लखनऊ शहरो से जोड़ने के लिए वर्ष 1875 में इस पुल का निर्माण कराया था। इस पुल का  निर्माण ईस्ट इंडिया के इंजीनियरों ने कराया था। इसे बनाने में सात साल चार महीने का समय लगा था ।

Related News