March 10, 2026

—सेवा और एकजुटता की अनूठी मिसाल।

संवाददाता 
कानपुर।
नगर के नई सड़क इलाके में जश्न-ए-चराग़ा के पावन अवसर पर ज़िया-ए-नबी फाउंडेशन ने रक्तदान और लंगर के जरिए इंसानियत की एक नई मिसाल कायम की है, जिसने सेवा और सामुदायिक भाईचारे की एक ऐसी अनूठी इबारत लिखी है जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई है। 

इस भव्य कार्यक्रम ने सांप्रदायिक सद्भाव और मानवीय सेवा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। यह कोई सामान्य आयोजन नहीं, बल्कि एक ऐसा सामूहिक प्रयास था जहाँ समाज के हर वर्ग, हर उम्र और हर धर्म के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर एकजुटता का संदेश दिया।
फाउंडेशन के अनुसार, इस दौरान लगभग 200 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो हर साल विलादते नबी के अवसर पर किया जाने वाला एक पुनीत कार्य है। यह रक्त अनेक ज़रूरतमंद मरीजों को जीवनदान देगा। 

इसके साथ ही, पूरी रात चले लंगर में हजारों लोगों को निस्वार्थ भाव से स्वादिष्ट भोजन कराया गया। यह लंगर सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और आपसी प्यार की रोशनी फैलाने का एक माध्यम था।
फाउंडेशन के अध्यक्ष हाजी ज़िया उल हक (हाजी ज़िया) ने इस मौके पर कहा कि हमारा मकसद सिर्फ रक्त इकट्ठा करना नहीं है। हम गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा के जरिए समाज में शांति और एकजुटता का संदेश फैलाना चाहते हैं। यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि आशिकाने-रसूल हर साल बढ़-चढ़कर इस नेक काम में हिस्सा लेते हैं। हमारे प्यारे साथी स्वर्गीय हारून रशीद जी का सपना था कि यह पैगाम हर घर तक पहुँचे – आज वह सपना हकीकत बनता दिख रहा है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर आर्य नगर विधान सभा के विधायक अमिताभ बाजपेई और सपा अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय सचिव इम्तियाज़ रसूल कुरैशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने फाउंडेशन के इस सराहनीय प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।
ज़िया-ए-नबी फाउंडेशन का यह प्रयास साबित करता है कि सेवा और इंसानियत ही वह सच्ची भाषा है जो हर बाधा को पार करके सभी के दिलों को जोड़ सकती है।