March 27, 2026

संवाददाता 

कानपुर। चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन गुरुवार को शहर भर में मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही प्रमुख दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने मां के दरबार में पहुंचकर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति की कामना की।

अष्टमी के अवसर पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा कर कन्या पूजन किया। छोटी-छोटी कन्याओं को मां का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए गए, उन्हें हलवा-पूड़ी, चने, मिठाई का प्रसाद खिलाया गया और वस्त्र व दक्षिणा भेंट की गई। कन्याओं को जिमाने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर अपना उपवास खोला।

शहर के प्रमुख मंदिरों—काली माता मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, रानी सती मंदिर, बुद्धा देवी मंदिर, जंगली देवी मंदिर और आशा देवी मंदिर—में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंदिरों में गुड़, हलवा, पूड़ी और नारियल का भोग अर्पित किया गया, वहीं सप्तशती पाठ, भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार मां महागौरी की पूजा करने से व्यक्ति को आत्मबल, धैर्य और सफलता की प्राप्ति होती है। वहीं कई भक्तों ने मां के पूजन का भी महत्व बताते हुए कहा कि इससे सभी प्रकार के कष्टों और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।

अष्टमी के अवसर पर शहर में कई स्थानों पर विशेष धार्मिक आयोजन भी किए गए। जगह-जगह भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही, जिससे पूरा शहर भक्ति रस में डूबा नजर आया।

भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल तैनात रहा और बैरिकेडिंग के जरिए दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया गया।

नवरात्रि के इस अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हर ओर मां के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।