
संवाददाता
कानपुर। जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने इस बार दो सीट पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उनके ऐलान ने राजनैतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। वह 17 सितंबर को महाराजगंज जेल से कानपुर कोर्ट में पेशी में लाए गए थे। पेशी में आए पूर्व विधायक ने ऐलान किया कि इस बार पति-पत्नी दोनों चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने दूसरी सीट कौन सी चुनी है इसके बारे में नहीं बताया।
दरअसल, एक मामले में सजा पाने के बाद इरफान सोलंकी की विधायकी चली गई थी। सीसीमऊ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी नसीम सोलंकी को मैदान में उतारा था। नसीम चुनाव जीतने के बाद विधायक हैं।
चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद विधायक नसीम सोलंकी ने भी पति की ही बात दोहराने के साथ एक बात और बताई कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लोकसभा चुनाव में भी कोई एक भाग्य आजमाएगा।
विधायक नसीम ने कहा कि आखिर जब राजनीति कर रहे हैं तो क्यों ना दोनों साथ मिलकर काम करें। 2027 में हम दोनों विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद हममें कोई एक लोकसभा का चुनाव लड़ेंगा। किस सीट से लड़ेंगे ये सरप्राइज है। इंशाअल्लाह जल्द इरफान जेल से बाहर आएंगे।
अध्यक्ष जी ने हमें चुना था। आगे भी राजनीति से लेकर टिकट देने या सीट सेलेक्शन पर जब भी बात होगी तो हाईकमान जो तय करेगा वही होगा। इंशाअल्लाह हम दोनों ही लड़ेंगे लेकिन हाई कमान तय करेगा कि कौन कहां से लड़ेगा।
मेरे ससुर साहब थे तो उन्होंने जनसेवा की। हम लोग भी सेवाभाव और खिदमत के तौर पर आए हैं। हम लोग नेता नहीं है। हम लोग इंसान हैं और खिदमत करने आए हैं। जो पापा करते थे, वही मेरे शौहर करते हैं और अब मैं भी लोगों की सेवा ही कर रही हूँ। हम लोग कोई मजबूत जननेता नहीं है, बस लोगों की खिदमत करने वाले एक सेवक हैं।
सीसामऊ की जनता के बीच में जाकर उनकी समस्याओं का समाधान मेरी प्राथमिकता रहती है। सीवर लाइन से लेकर पाइपलाइन तक से जुड़ी हर समस्या में सुधार की कोशिश की। 2027 में इंशाअल्लाह हमारा काम ही बोलेगा। हम लोग ही फिर से जीतेंगे।
अगर मैं लखनऊ या महाराजगंज में नहीं हूं तो अपनी क्षेत्र के जनता के बीच पहुंचती हूं। उनकी समस्याओं को सुनने का काम करती हूं। मैं जनता के बीच में रहूंगी तभी मुझे आशीर्वाद मिलेगा।
हर चीज जिंदगी में पहली बार होती है, मेरे साथ तो इन तीन सालो में पहली बार काफी चीजें हुई हैं। जब विधायक जी जेल गए तो पहली बार मैंने कोर्ट कचहरी और अन्य चीजों का एक्सपीरियंस किया। इसी तरह से जब मैं विधानसभा गई और अपनी बात को रखा तो वो भी पहला एक्सपीरियंस था। मै चुनौतियों को स्वीकार करती हूं।
इरफ़ान बहुत जल्दी बाहर आएंगे। उम्मीद है बहुत जल्द ही फैसला हमारे हक में आएगा। विधायक जी घर आएंगे। ऊपर वाले पर भरोसा है, जो लड़ाई हम लोगों ने नहीं सोची थी उसकी भी शुरुआत हो गई है।






