• खंड विकास अधिकारी ने बताया शाजिश।

संवाददाता
कानपुर। बिल्हौर ब्लॉक स्थित उत्तरीपुरा के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय प्रथम का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई। वीडियो में विद्यालय के कुछ छात्र स्कूल के बाहर हाथ में फावड़ा और तसला लेकर बालू-मिट्टी हटाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही लोगों ने सवाल उठाए कि क्या बच्चों से पढ़ाई के बजाय मजदूरी कराई जा रही है।
वायरल वीडियो में कई छात्र विद्यालय के मुख्य गेट के पास जमा बालू-मिट्टी को साफ करते दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथों में तसला और हावड़ा साफ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और विद्यालय स्टाफ पर बच्चों से काम कराने के आरोप लगाए गए।
मामले में खंड शिक्षा अधिकारी रवि कुमार सिंह ने वायरल वीडियो को साजिश करार दिया है। उन्होंने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले एसडीएम के निर्देश पर विद्यालय के आसपास से अतिक्रमण हटाया गया था, जिससे कुछ दुकानदार नाराज थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. देवनारायण किसी शासकीय कार्य से बिल्हौर कार्यालय गए हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके हाथों में तसला और हावड़ा थमा दिया और वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया।
खंड शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसर में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।






