January 22, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
मंगलवार को दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा हुआ। सर्वर फॉल्ट के चलते सुबह पहली शिफ्ट की परीक्षा रद्द कर दी गई। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ कर दी। सर्वर रूम में घुसकर छात्रों ने कंप्यूटर, कांच, दरवाजे, कुर्सियां, वायर तोड़ दिए।
नाराज छात्रों ने बताया कि पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे से थी, जिसकी एंट्री सुबह 8.45 बजे से होनी थी। तय समय बीतने के बाद भी कॉलेज का मेन गेट नहीं खुला। गेट बंद रहने से बाहर खड़े सैकड़ों छात्र-छात्राएं नाराज हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
कॉलेज प्रबंधन ने सर्वर में खराबी की बात कहकर छात्रों को इंतजार करने को कहा। फिर भनक लगी कि परीक्षा नहीं होगी। सुबह करीब 10.30 बजे तक न तो कोई लिखित सूचना चस्पा की गई और न ही परीक्षा रद्द होने को लेकर स्पष्ट जानकारी दी गई। इससे छात्र और भड़क गए। 

एक अभ्यर्थी रोहित तिवारी ने बताया कि कॉलेज के लैब में सीपीयू ऑन थे। परीक्षा में कोई धांधली की जा रही है। कोई इलेक्ट्रिक की समस्या नहीं थी।
महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर स्थित एमजीए कॉलेज में सैकड़ों छात्र कॉलेज का मेन गेट तोड़कर घुस गए। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए सर्वर रूम का गेट भी तोड़ दिया। वहां लगे कंप्यूटर सिस्टम खराब हो गए। कंप्यूटर, कांच, दरवाजा, कुर्सियां, इलेक्ट्रिक वायर तोड़े गए।

सर्वर ठप हो गया। बिजली काटनी पड़ी। हंगामे की सूचना पर नरवल एसडीएम विवेक कुमार मिश्रा और एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझा कर किसी तरह शांत कराया और स्थिति पर नियंत्रण पाया।
अन्य दो पाली की परीक्षा दूसरे कॉलेज में शिफ्ट की गई एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा ने परीक्षा करा रही ईडिकुटी संस्था के सिटी हेड शुभम दीक्षित से बात की। शुभम दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली पुलिस की परीक्षाएं होनी थी, लेकिन टेक्निकल फॉल्ट होने से एमजीए कॉलेज में परीक्षा नहीं हो सकी। पहली शिफ्ट की परीक्षा को एसएससी द्वारा निरस्त कर दिया गया। इसकी सूचना वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। शाम तक परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड दोबारा अपलोड कर दिए जाएंगे। जिनमें परीक्षा की नई डेट और एग्जाम सेंटर होंगे।
वहीं, दूसरे और तीसरे शिफ्ट की परीक्षा यशोदा नगर स्थित बीएनएस कॉलेज में शिफ्ट कर दी गई। यहां एमजीए कॉलेज पहुंचे छात्रों को सिटी बस से फ्री में बीएनएस कॉलेज ले जाया गया।
एमजीए कॉलेज दूर-दराज से आए हजारों छात्रों को मायूस होकर लौटना पड़ा। अभ्यर्थियों का कहना है कि समय पर सूचना न मिलने और व्यवस्थाओं की कमी के कारण यह स्थिति पैदा हुई।
घटना के बाद परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं और तकनीकी तैयारी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों की मांग की है कि रद्द हुई परीक्षा की नई डेट जल्द घोषित की जाए। भविष्य में ऐसी अव्यवस्था न हो, इसके लिए ठोस इंतजाम किए जाएं।
धर्मेंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि मैं अपने रिश्तेदार को फर्रुखाबाद से पेपर दिलाने आया था। पहली पाली की परीक्षा होनी थी। हम सुबह ही सेंटर पहुंच गए थे। सुबह 9 बजे से परीक्षा थी, जब गेट नहीं खुला तो बताया गया कि इलेक्ट्रिक फाल्ट है। फिर लोग जबरन अंदर घुसे। देखा तो कई लैब में सिस्टम चल रहे थे। लाइटें भी जल रही थी। हम लोगों को शक हुआ कि लैब में पहले से बच्चे बैठकर परीक्षा दे रहे हैं।कोई सही जवाब देने को तैयार नहीं था। कानपुर के पीयूष सिंह ने कहा कि करीब डेढ़ घंटे तक हम सभी ने गेट के बाहर इंतजार किया। जब हंगामा किया तब जाकर बताया गया कि इलेक्ट्रिक फाल्ट है। लेकिन, कोई सही जवाब नहीं दे रहा था। हमने जब कॉलेज मैनेजमेंट से बात की तो बताया कि अभी पहली शिफ्ट की परीक्षा की नोटिस गेट पर लगा दी जाएगी। दो घंटे बीत गए, लेकिन गेट पर नोटिस चस्पा नहीं की गई। 

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