
संवाददाता
कानपुर। किडनी कांड का खुलासा होने के 12 दिन बीतने के बाद इस कांड की बहुत से कड़ियों अभी भी पुलिस नहीँ खोल पाई है। इस मामले में लिप्त कई आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने फोन बंद कर रखे है।
किडनी मामले में फरार दो डॉक्टर और ओटी मैनेजर का फोन भी बंद है। हालांकि इस बीच वह अंजान नंबरों से अपने परिवार को फोन कर रहे हैं। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मदद के नाम पर फोन लेकर डाक्टर ने कॉल की थी।
पुलिस का दावा है वह डॉक्टरों के बहुत नजदीक है। जल्द ही उन तक पहुंच जाएगी। हालांकि दोनो आरोपियों की अभी तक कोई लोकेशन पुलिस को नहीं मिली है।
रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर अस्पताल संचालक डॉ. प्रीती आहूजा और उसके पति सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार के बेगूसराय का किडनी डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली। किडनी के इस अवैध कारोबार का सरगना डॉ. रोहित को बताया गया।
उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा के साथ ही प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया।
इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव गाजियाबाद से पकड़े गए। इन सभी को जेल भेजा जा चुका है।
एजेंट शिवम ने पूछताछ में डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और ओटी मैनेजर मुद्स्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली का नाम लिया। पुलिस इनकी खोजबीन में जुटी तो तीनों मोबाइल बंद करके फरार हो गए। इनमें से एक डॉक्टर के करीब पुलिस पहुंच चुकी है।
दरअसल, वह अपने अंजान नंबरों से अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार से संपर्क करता है, दो बार ऐसी कॉल मिली है। जिसके बाद पुलिस अंदाजा लगा रही है कि आरोपी उधार का मोबाइल लेकर परिजनों के संपर्क में हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किडनी कांड में अब फरार तीनों डॉक्टरों को उठाने पर ही पुलिस का मुख्य जोर है। इसलिए तीन टीमें और लगाई गई हैं। दरअसल सूत्र बताते हैं कि इस मामले में हर दिन कोई न कोई नया नाम सामने आ रहा है।
जांच के साथ ही किडनी कांड के नेटवर्क का दायरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कमिश्नरेट पुलिस पहले फरार आरोपियों को पकड़ेगी उसके बाद आगे की जांच शुरू करेगी।
डीसीपी ने बताया कि सारा फोकस फरार डॉक्टरों की गिरफ्तारी पर है। तीनों आरोपी डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और अली पर 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है।






