
संवाददाता
कानपुर। शहर की सड़कों पर 50 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। ये ई-रिक्शा अभी कुछ दिन और मनमानी से दौडेंगे। शहर में ई-रिक्शा जहां से चाहें सवारी उठा रहे हैं, जहां मन होता है वहीं सवारी उतार रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से बनाई गई नई जोन व्यवस्था जल्द लागू होगी। इस व्यवस्था को 10 फरवरी से लागू होना था, लेकिन अब इसमें करीब 10 दिन या उससे अधिक समय लगने की संभावना है।
इन दिनों शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर जाम ज्यादा लग रहे है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
चकेरी, कल्याणपुर, बजरिया, इंद्रानगर, बिठूर तिराहा, गोविंदनगर, किदवईनगर, सिविल लाइंस, मूलगंज और फजलगंज समेत कई इलाकों में स्कूलों की छुट्टी के समय वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है।
पुलिस, आरटीओ, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त जांच में जाम की एक बड़ी वजह ई-रिक्शा और ई-ऑटो की ज्यादा संख्या और उनका अव्यवस्थित संचालन सामने आया है। चालक सवारी बैठाने के लिए बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर देते हैं। किसी भी रूट पर अचानक इनकी संख्या ज्यादा हो जाती है।
ट्रैफिक विभाग ने शहर को सात जोन में बांटकर ई-रिक्शा संचालन की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक ई-रिक्शा को निर्धारित जोन में ही चलने की अनुमति दी जाएगी। वाहन स्वामी को रजिस्ट्रेशन, बीमा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर निशुल्क क्यूआर कोड दिया जाएगा।
ये क्यूआर कोड अलग-अलग रंगों के होंगे, जिससे ट्रैफिक पुलिस और थाना पुलिस को रूट की पहचान करने में आसानी होगी। अधिकारियों के अनुसार, जोन इस तरह तय किए जा रहे हैं कि चालक अपने निवास क्षेत्र के आसपास ही ई रिक्शा का संचालन कर सकें।
शहर में 50 हजार से अधिक ई-रिक्शा चल रहें हैं। इसमें आधे ज्यादा ई रिक्शा का नियमों को अनदेखी कर शहर में दौड़ रहें हैं। पूर्व में भी ट्रैफिक, नगर निगम और आरटीओ की ओर से अभियान चलाकर क्यूआर कोड वितरित किए जा चुके हैं।






