March 28, 2026

संवाददाता 

कानपुर। टेनरी संचालक महफूज के खातों की जानकारी न देने पर पुलिस ने आईडीबीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक को रडार पर ले लिया है। तीनों बैंकों में महफूज, उसके परिजन और रिश्तेदारों के नाम पर करीब 34 खाते मिले।
इनमें कई फर्मों से करीब 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजेक्शन किया गया। पुलिस के कई रिमाइंडर के बावजूद बैंक अधिकारी डाटा देने में टालमटोल कर रहे हैं। अब पुलिस ने साफ कर दिया है कि जल्द ही तीनों बैंकों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।
मामले की जांच कर रहीं एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया- शुरुआती जांच में 68 खाते सामने आए थे, जो अब बढ़कर 75 से 80 तक पहुंच गए हैं। जांच में सामने आया है कि इन खातों में करीब 470 फर्मों से करोड़ों रुपए ट्रांसफर हुए हैं। कौन सी फर्म से कितना पैसा आया, इसकी पड़ताल जारी है।
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया- सबसे अधिक खाते और ट्रांजेक्शन बिरहाना रोड स्थित आईडीबीआई, लाल बंगला स्थित एचडीएफसी  और एक्सिस बैंक से किया गया है। आईडीबीआई बैंक में 12 खातों में महफूज व उससे जुड़े लोगों के पैन नंबर मिले थे।
इसके बाद जांच शुरू हुई तो आईडीबीआई बैंक में महफूज के कुल 14 खाते मिले, जिनमें 850 करोड़ का ट्रांजेक्शन सामने आया था। इसके साथ ही लाल बंगला स्थित एचडीएफसी में 20 एक्सिस बैंक में 10 खातों में तकरीब 150 करोड़ रुपए विभिन्न फर्मों के जरिए आए हैं।
अब तक की जांच में सामने आया है कि महफूज और उसके परिजनों के खातों में कुल 470 फर्मों से करोड़ों की रकम आई है। किस इंटरप्राइजेज से कितनी रकम आई है, इसकी जांच की जा रही है।
डाटा के लिए बैंक अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। एडीसीपी ने बताया कि मंगलवार को तीनों बैंकों को आखिरी रिमाइंडर भेजा गया है। डाटा न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय फर्मों कीजांच शुरू कर देगा। पूरे मामले की छानबीन के लिए पुलिस आईआईटी कानपुर से भी सहयोग लेगी। वहीं, घटना के बाद से महफूज पूरे परिवार समेत फरार है। उसकी लोकेशन बिहार, कोलकाता व असम में मिली है, गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना हैं।
मो. वासिद और उसका साथी अरशद कैश कैरी का काम करते थे। 16 फरवरी को मो. वाशिद और अरशद रुपए लेकर जा रहे थे। इसी दौरान साथ बाइक सवार चार बदमाशों ने श्याम नगर में उन्हें रोक लिया।
बदमाशों ने मो. वासिद और अरशद पर तमंचे की बट से हमला कर दिया था। इसके बाद रुपए लूट कर भाग गए। घटना के बाद घायलों ने पहले 25 लाख, 12 लाख फिर 8 लाख रुपए लूटने की बात कही। इसके बाद उन्होंने लूट की घटना से ही इनकार कर दिया था।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो घायल वासिद ने बताया- उन्होंने फूलबाग स्थित आईडीबीआई बैंक से 8 लाख रुपए निकाले थे। पुलिस ने बैंक में जांच पड़ताल की तो पता चला कि जाजमऊ के रहने वाले टेनरी कारोबारी महफूज के अकाउंट से 3.20 करोड़ रुपए निकाले गए थे।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि आईडीबीआई बैंक के ही करीब 14 खातों से 850 करोड़ रुपया निकाला गया था, सभी खाते जाजमऊ स्थित शिवांग टेनरी के मिले थे। पैन नंबर, ई-मेल आईडी की जांच शुरू हुई तो पुलिस को पता चला कि महफूज और उसके करीबियों के करीब 12 बैंकों में कुल 68 खातें है।
इनसे तकरीबन ढ़ाई साल में 1600 करोड़ का कैश निकाला गया है। यह रकम कहां खपाई जा रही थी। क्या इस पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में प्रयोग किया जा रहा था? या टैक्स से बचने के लिए सारा गोरखधंधा चल रहा रहा था ? इन सभी पहलुओं तक पहुंचने के लिए जीएसटी, इनकम टैक्स, ईडी समेत अन्य एजेंसियों को भी पत्र लिखा गया था।
महफूज व उसके सहयोगियों के आईडीबीआई, एचडीएफसी, आरबीएल, इंडसइंड, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक में खाते है।