February 28, 2026

• नाग देवता का मंदिर बनाना शुरू किया।

संवाददाता 
कानपुर।
बिल्हौर थाना क्षेत्र के बैड़ी अलीपुर गांव के गड़रियन पुरवा में वन विभाग की टीम को सांप पकड़े बिना लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने पिछले करीब 20 दिनों से खेतों के आसपास दिख रहे एक सांप को देवता मानकर उसे पकड़ने का विरोध किया।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के पास एक खेत में बार-बार दिखाई देने वाले इस काले नाग को वे खतरे के रूप में नहीं, बल्कि देव शक्ति के रूप में देखते हैं। जब वन विभाग की टीम सांप को पकड़ने मौके पर पहुंची, तो गांव के लोग एकजुट हो गए और उन्होंने टीम को सांप पकड़ने से रोक दिया।
ग्रामीणों की आस्था इतनी गहरी है कि उन्होंने गांव के प्रधान के खेत के पास, जहां नाग अक्सर दिखाई देता है, वहां एक मंदिर का निर्माण भी शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस मंदिर में अब चढ़ावा भी आने लगा है और आसपास के इलाकों से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों की सामूहिक श्रद्धा और समर्थन के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। टीम को बिना सांप पकड़े ही वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर ग्राम प्रधान के खेत में बनाया जा रहा है।
इस संबंध में, सपेरा समाज के एक व्यक्ति ने बताया कि जब काला नाग केंचुल में होता है, तो उसे आंखों से ठीक से देख पाना मुश्किल हो जाता है। 

वहीं, काव्य पाल, प्रांजुलि, मिथिलेश, जयप्रकाश, दयाशंकर, दिनेश, अखिलेश, जितेंद्र पाल, राजेंद्र, गयादीन, अंशु पाल, सुमित पाल, प्राची, काजल, दीपांशी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने क्षेत्राधिकार बिल्हौर को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा है। इसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें नागराज से कोई आपत्ति नहीं है और वे उन्हें देवता मानते हैं। 

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