
संवाददाता
कानपुर। गुरुवार सुबह हल्का कोहरा रहा। कोहरे के साथ ओस की बूंदें टपकती दिखीं। इन दिनों सर्दी का सितम जारी है। बीते 24 घंटे में ठंड और शीतलहर ने लोगों को कंपकंपा दिया। न्यूनतम पारा 4.8 डिग्री बढ़ गया और 9.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सुबह लोगों ने ठिठुरन भरी ठंड का सामना किया। लोग सुबह-सुबह अलाव तापते देखे गए।
दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत की उम्मीद जगी, लेकिन तेज शीतलहर के कारण धूप का असर नहीं रहा। हवा के ठंडे झोंके लोगों की हड्डियों तक को सिहराने के लिए काफी रहे। शाम होते ही फिर से ठंड बढ़ गई और हवा ने कड़ाके की ठंड को बढ़ा दिया।
आसमान के बादल छाने के कारण रात का तापमान बीते 24 घंटे में 4.8 डिग्री बढ़ गया है।
सीएसए के वेदर डिपार्टमेंट की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। यह आंकड़ा रात के समय आर्द्रता और बादलों के प्रभाव को दिखाता है, लेकिन दिन भर की शीतलहर ने ठंड के एहसास को बढ़ा दिया। बताते चलें कि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया था।
दिन में धूप के साथ शीतलहर चलने के कारण दिन का तापमान भी कम रहा। शहर में अधिकतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम है। यह गिरावट ठंड के प्रभाव को दर्शाती है। दिन में भी हवाओं गलन का एहसास कराया, जिसके चलते लोग मफलर आदि लपेटकर निकले।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि दोपहर के 12 बजे तक बादल और शीतलहर छाई रहती है। यह स्थितियां आने वाले 24 घंटे तक बनी रहेगी। दोपहर के बाद नरम धूप निकलेगी। तापमान में एक से दो डिग्री का उतार चढ़ाव जारी रहेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि पाला पड़ सकता है। ऐसे में फसलों में पानी लगा लें। सुबह, शाम व रात में कोहरा छा सकता है।
कोहरे के चलते विजिबिलिटी कम होने का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ रहा है। 31 ट्रेनें तय समय से घंटों देरी से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंची। आनंद विहार से दरभंगा जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस (15558) 23.06 घंटे लेट रही। इंदौर से बनारस जाने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस (20414) 02.08 घंटे, भुवनेश्वर से नई दिल्ली जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस (12281) 05.22 घंटे, बरौनी से नई दिल्ली जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस (02563) 10.42 घंटे देरी से आई।
ठंड के चलते दिल के मरीजों को परेशानी बढ़ी है। कार्डियोलाजी की ओपीडी में 1038 मरीज पहुंचे। इनमें से गंभीर बीमार 59 मरीजों को भर्ती किया गया है। इसके अलावा आठ मरीज ऐसे थे जिन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। डाक्टरों का कहना है कि ठंड के समय बिना किसी वजह से घर से बाहर न निकलें।






