August 29, 2025

संवाददाता

कानपुर।  किदवई नगर बी ब्लॉक में स्कूटी सवार लुटेरा  पार्टी से लौट रही बैंक कैशियर की पत्नी की चेन छीनकर भागने लगा। इसके बाद महिला ने लुटेरे को पकड़ने के लिए दौड़ा लिया। जल्दबाजी में स्कूटी मोड़ते समय लुटेरा आगे जा रही टेंपो से टकरा गया और वहीं फंस गया। इतने में महिला ने लुटेरे की टीशर्ट पकड़कर उसे वहीं सड़क पर पटक दिया।
शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और आरोपी से चेन को बरामद कर लिया। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गईं। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी ने अपनी स्कूटी के नंबर प्लेट पर गोबर लगा रखा था, जिससे उसकी पहचान ना हो सके।
महिला का नाम रश्मि अग्निहोत्री है और वह कानपुर में बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के किदवई नगर एम ब्लॉक की रहने वाली है। रश्मि अग्निहोत्री के पति पंजाब नेशनल बैंक जाजमऊ शाखा में हेड कैशियर हैं। रश्मि अग्निहोत्री अपनी सहेली मीरा अग्रवाल के साथ साकेत नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित किटी पार्टी में शामिल होने गई थीं। शाम को लौटते समय दोनों ई-रिक्शा से किदवई नगर पहुंचीं और वहां से पास के आइसक्रीम पार्लर की ओर जाने लगीं।
जैसे ही रश्मि अग्निहोत्री बी ब्लॉक के हनुमान मंदिर के पास पहुंची तो अचानक से एक स्कूटी सवार युवक आया और झपट्टा मारकर रश्मि के गले से सोने की चेन खींच ली। लुटेरा स्कूटी मोड़कर भागने ही वाला था कि रश्मि बिना देर किए उसके पीछे दौड़ पड़ीं।
भागने की हड़बड़ाहट में लुटेरा सामने जा रहे एक टेंपो से टकरा गया और वहीं फंस गया। इसी मौके का फायदा उठाकर रश्मि ने उसकी टी-शर्ट पीछे से पकड़कर जोर से खींचा और जमीन पर पटक दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी महिला की मदद की और आरोपी को दबोच लिया। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।
लुटेरे से रश्मि की सोने की चेन मिल गई, लेकिन उसमें लगा हीरे का पेंडल गायब हो गया। रश्मि ने बताया कि उन्हें अपनी बहादुरी पर गर्व है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि हीरे का पेंडल कहीं खो गया।

बाबूपुरवा थाना प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे की पहचान उस्मानपुर कॉलोनी निवासी विशाल वर्मा के रूप में हुई है। महिला की तहरीर के आधार पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई और उसे जेल भेज दिया गया है।
जांच में सामने आया कि लुटेरे ने वारदात से पहले अपनी स्कूटी के नंबर प्लेट को गोबर से ढक दिया था, जिससे उसकी पहचान न हो सके। स्थानीय लोगों की बहादुरी और सीसीटीवी फुटेज के चलते उसकी सारी चालाकियां बेकार चली गईं।
जब पुलिस ने लुटेरे को पकड़ा तो उसने पहले कहा कि उस पर झूठा आरोप लगाया गया है। लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया, तो उसने सफाई दी कि उसकी पत्नी बीमार है और दवा लाने के लिए पैसों की जरूरत थी, इसी वजह से उसने वारदात की। हालांकि पुलिस ने उसकी दलील को दरकिनार करते हुए उसे जेल भेज दिया।