• 2016, 2024 के व इस सितम्बर में भी मौसम ने क्रिकेट को धोया।

संवाददाता
कानपुर। ग्रीनपार्क, सितम्बर, बारिश और क्रिकेट का गहरा नाता लगता है बीते 9 सालों में इस स्टेडियम में सितम्बर महीने में आयोजित सभी मैचों के आयोजन को मौसम का दंश झेलना पडा है। ग्रीनपार्क को सितम्बर का महीना शायद सूट ही नही करता है। हर बार इस महीने में आयोजित मैच बारिश की भेंट चढते ही चले आ रहे है।
उत्तर एवं मध्य भारत पिछले कई वर्षों से लेट मानसून के कारण सितम्बर व अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह तक बारिश की गतिविधियों से व्याप्त रहता है। जिसके कारण खेल गतिविधियां प्रभावित होती रहती हैं।
साल 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच भी सितम्बर में खेला गया जो तीन दिनों तक बारिश की भेट चढा। वहीं प्रदेश एसोसिएशन की बहुचर्चित प्रथम टी-टवेन्टी जो साल 2023 में खेली गयी थी लीग के कई मैच भी वर्षा से प्रभावित रहे। जहां साल 2016 के सितम्बंर महीने खेला गया भारत और न्यूजीलैण्ड के बीच टेस्ट मैच के दो दिन बारिश की भेंट चढ गए थे जिससे क्यूरेटर की खूब किरकिरी हो गयी थी।
इसके बाद इस साल भी सितम्बर में आयोजित भारत ए और आस्ट्रेंलिया ए के बीच खेला जाने वाला मैच भी बारिश के की भेंट चढा। मंगलवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया ए की टीमें दोपहर 12 बजे ही स्टेडियम पहुंचकर अभ्यास में जुट गई थीं। बाहर दर्शकों की लंबी कतारें टिकट लेकर एंट्री का इंतजार कर रही थीं। लेकिन 12.30 बजे अचानक शुरू हुई तेज बारिश ने पूरे मैदान को तर-बतर कर दिया। आसमान में छाए काले बादलों ने मैच शुरु होने से पहले अपना खेल शुरु कर दिया। बारिश की बौछारों ने मैदान के हर कोने को डुबो दिया। भारत ए और आस्ट्रेुलिया ए के मैच से पहले बारिश ने ही बिना टॉस के बैटिंग शुरु कर दी।
जहां आठ साल बाद वनडे की मेजबानी कर रहे ग्रीन पार्क में तैयारियां पिछले पंद्रह दिनों से युद्ध स्तर पर चल रही थीं। 12.30 बजे से शुरू बारिश जब देर शाम तक नहीं रुकी तो अंपायर और मैच रेफरी ने पहले एक दिवसीय मैच को रद्द करने का ऐलान कर दिया। मैच रेफरी संजय वर्मा ने सांय 5 बजे औपचारिक रूप से मैच रदद किए जाने का ऐलान कर दिया। पूरे दिन हुयी बारिश के चलते भारत ए और आस्ट्रेंलिया ए के बीच खेला जाने वाला पहला एकदिवसीय मैच बिना टॉस के ही रदद कर दिया गया।
लगभग दो दशक पूर्व यूपीसीए को सितम्बर महीने में भारत और आस्ट्रेलिया के ही खिलाफ एक मैच के आयोजन की जिम्मेदारी मिली थी तो संघ के पूर्व सचिव स्व.ज्योति बाजपेयी ने बारिश के मौसम का हवाला देकर मैच आयोजित कराने से इंकार कर दिया था। ये देखकर ऐसा लगता है कि बीते कुछ वर्षों के तमाम पिछले अनुभवों के बावजूद भी यूपीसीए ने किसी प्रकार का सबक नही सीखा और मैच को सितम्बर माह में आयोजित करवाने को हरी झण्डी दे दी।






