March 9, 2026

संवाददाता
कानपुर।
गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ गया है। चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान की तरफ जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा किनारे बसे एक दर्जन से ज्यादा गांवों में पानी घुस गया है। हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई है। करीब 600 घर गंगा के पानी से प्रभावित हैं।
इन गांव में रहने वाली 4000 से ज्यादा की आबादी फंस गई है। लोग अब गांव से किसी तरह निकल कर गंगा बैराज से बिठूर की तरफ जाने वाले मार्ग पर तंबू बनाकर रहने को मजबूर हैं। महिलाओं और बच्चों के साथ गांव के लोग किसी तरह नाव या पानी के बीच से होकर बाहर निकल रहे हैं। 
गंगा बैराज से बिठूर की तरफ जाने वाली सड़क पर लाइन से लगे डंडों में पन्नियों से बांधकर बनाए गए तंबू में नन्हे बच्चे, लड़कियां महिलाएं चारपाई पर बैठे है तो कहीं लोग जमीन पर ही बैठे है। गांव से निकलकर सड़क पर आकर रहने को मजबूर बाढ़ से पीड़ित गांव वाले व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठा रहे हैं।
क्या बुजुर्ग, क्या महिला अपनी गृहस्थी लेकर पानी के बीच से होकर सड़क तक पहुंच कर किनारा ढूंढने को मजबूर हैं। कई लोग सड़क के किनारे कच्ची जगह पर उगे पेड़ पौधों को हटाकर वहां पर बैठने की जगह बनाए हुए है। गांव से निकले हुए लोगों ने बताया कि ना ही खाने की कोई व्यवस्था है और ना ही गांव से निकलने का कोई संसाधन है।
लोग ज्यादातर अपने घर की छतों पर या फर्स्ट फ्लोर पर रह रहे हैं। कई घर ऐसे भी हैं। जहां पानी के बीच में ही लोगों को खाना बनाना पड़ रहा है। बच्चे भी दिनभर वहीं रहने को मजबूर हैं।
10 से अधिक गांवो में गंगा का पानी घुस गया है। यहां घरों के अंदर 1 से 2 फीट पानी भरा है। इन गांवों में भोपालपुरवा, दिल्लीपुर, लक्ष्मणपुरवा, भगवानदीनपुर, बनियापुर, दुर्गापुर में पानी घुस गया है। यहां से निकलने के लिए लोग नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं।
गंगा बैराज के किनारे बिठूर जाने वाले मार्ग पर चौकी के पास प्रशासन की तरफ से एक बड़ा तंबू लगाया गया है। यहां पर कुछ लोग बैठे देखे गए। लेकिन, ज्यादातर लोग अपने खुद के तंबू बनाते दिखाई दिए।  नगर निगम द्वारा पानी के टैंकर भी वहां भेजे गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम का भी कैंप लगा है, जहां डॉक्टर और दवाई वितरण करने वाले कर्मचारी काम कर रहे हैं।

एडीएम विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि गांव में पानी भरने के बाद वहां से निकलने वाले लोगों के लिए उचित व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। भोजन-पानी से लेकर मानक के अनुसार नाश्ते का भी इंतजाम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अच्छी व्यवस्थाएं और टेंट लगाने का भी काम किया जा रहा है। बारिश से किसी भी ग्रामीण को दिक्कत ना हो, उन्हें छाया मिले, इसकी भी समुचित व्यवस्था कराई जा रही है। पशु चिकित्सा अधिकारी की टीम भी भ्रमण कर रही है।