
संवाददाता
कानपुर। जेल में तबियत बिगड़ने के बाद उर्सला में दम तोड़ने वाले आरोपी रंजीत का डॉ. विपुल चतुर्वेदी सीएचसी चौबेपुर व डॉक्टर अजीत कुमार यादव सीएचसी सरसौल के पैनल से पोस्टमार्टम किया गया।
इस दौरान मृतक की दादी शकुंतला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट में चोरी के मामले में पुलिस उसे घर से उठा ले गई थी, इस दौरान एक पुलिसवाले ने कहा कि ये जिंदा जा रहा है, लेकिन जिंदा आएगा नहीं। उसके बाद हम लोगों को देखने तक नहीं दिया गया, हम लोग थाने खाना–पानी लेकर गए, लेकिन कुछ भी देने नहीं दिया गया। कल रात में पुलिसवालों ने कहा कि आपका लड़का बहुत सीरियस है… आप चल कर देख लो।
हम लोग उर्सला पहुंचे, तो पुलिसवालों ने कहा कि साइन कर दो, तो लाश दिखा दे। हम लोगों ने साइन नहीं किया, आज हम लोग मुख्यमंत्री योगी से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने जाने नहीं दिया।
हम लोगों को रस्सी लगाकर रोका गया, नेताओं को बुलाकर दबाव बनाया गया, कहा गया कि तुमको इंसाफ मिलेगा… लाश भी नहीं ले जाने दी। पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए ले आए। पुलिसवालों ने हमारे बच्चे को मार दिया, हमे इंसाफ चाहिए….
वहीं मृतक के पिता लल्ला ने आरोप लगाया कि पुलिस वाले बेटे को ले गए, तीन दिन तक थाने में बंद करके रखा, खूब मारा पीटा। उसके बाद उसे जेल भेज दिया। हमारे सात बेटियां है, एक लड़का था… वो भी चला गया अब हम किसके सहारे जिएंगे। वहीं घर का खर्च चलाता था, बेटियों की शादी कैसे होगी ? बेटा तो चला गया, बेटियों की शादी और गुजारे के लिए 20 लाख रुपया मुआवजा दिया जाए।
किदवई नगर निवासी श्याम शुक्ला के रत्तूपुरवा स्थित वरुणा ट्रांसपोर्ट के बाहर से एक मार्च को चोरों ने ई-रिक्शा लगाकर सात गत्ते हार्डवेयर का सामान पार कर दिया था। घटना ट्रांसपोर्ट में लगे सीसी कैमरे में कैद हुई थी।
जिसके आधार पर पुलिस ने जूही टायर मंडी निवासी रंजीत उर्फ लल्ला और गोस्वामी नगर के धर्मेंद्र गोस्वामी को गिरफ्तार करके नौ मार्च को जेल भेज दिया था। इसमें रंजीत की बुधवार देर शाम अचानक तबियत बिगड़ गई थी, जिसे जेल अस्पताल में इलाज के बाद गंभीर हालत में उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान देर शाम रंजीत ने दम तोड़ दिया। इधर, परिवार वालों को उसकी मौत की जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। रंजीत नौ भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। पिता लल्ला का आरोप है कि पुलिस उसे जेल भेजने के एक दिन पहले थाने ले गई थी।
आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसे बेहरमी से पीटा गया। इससे उसकी मौत हो गई। रंजीत की मौत के बाद उसके परिजनों ने गुरुवार रात जूही मिलेट्री कैंप चौकी में जमकर हंगामा किया था।
करीब 5 घंटे तक हंगामे के बाद एसीपी बाबूपुरवा दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे थे और कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया था। रंजीत का पोस्टमार्टम कराया गया, इस दौरान भारी पुलिसबल की तैनाती पोस्टमार्टम हाउस में की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट से मौत की पुष्टि हुई, हार्ट के दोनों चेंबरों में रक्त भरा मिला। स्पष्ट जांच के लिए बिसरा सुरक्षित किया गया है।






