
संवाददाता
कानपुर। मुकदमे का जल्द निस्तारण करने के हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद अभियोजन की ओर से बार-बार प्रार्थना पत्र देकर मामले को लंबित रखने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने पुलिस कमिश्नर और डीजीसी को तलब किया है।
बिकरू कांड के बाद प्रतिबंधित असलहों की बिक्री का एक मुकदमा पनकी थाने में दर्ज हुआ था। इसमें 4 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा एडीजे 27 की कोर्ट में चल रहा है। मुकदमे में तीन आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि चौथा आरोपी संजय सिंह परिहार जेल में ही बंद है।
हाईकोर्ट तीन बार संजय की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। चौथी बार संजय की ओर से अधिवक्ता ने फिर जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसमें तर्क दिया कि हाईकोर्ट ने अपने प्रतिदिन सुनवाई कर जल्द से जल्द मुकदमे का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष लगातार प्रार्थना पत्र देकर मुकदमे को लंबित रखने की कोशिश कर रहा है।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि मुकदमे में अभियोजन पक्ष सभी गवाह पेश कर चुका है। मुकदमे में अंतिम बहस होनी है, लेकिन इस बीच अभियोजन पक्ष नए गवाह को पेश करने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमे को बेवजह लंबित रखे है। एक ओर तो मुकदमे का निस्तारण नहीं हो रहा और दूसरी ओर संजय को जमानत भी नहीं मिल पा रही है।
मामले में हाईकोर्ट ने अपने आदेश का उल्लंघन मानते हुए पुलिस कमिश्नर और डीजीसी दोनों को व्यक्तिगतरूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।






