January 21, 2026

संवाददाता
कानपुर।
जिले के स्कूलों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन परिसरों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने के उद्देश्य से डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। 

बैठक में डीएम ने कहा कि प्रत्येक संबंधित संस्थान अपने स्तर पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करेगा। नोडल अधिकारी का दायित्व होगा कि वह नियमित निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित करे कि परिसर के भीतर आवारा कुत्ते प्रवेश न करें और यदि कहीं समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल नगर निगम से समन्वय कर समाधान कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह विषय केवल स्वच्छता या सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन, बच्चों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है।
बैठक में नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि नगर निगम सीमा अंतर्गत वर्तमान में लगभग 1.36 लाख स्ट्रीट डॉग दर्ज हैं। इनमें से अब तक 84 हजार से अधिक आवारा कुत्तों का स्टरलाइजेशन कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शेष स्ट्रीट डॉग्स के स्टरलाइजेशन की प्रक्रिया भी चरणबद्ध ढंग से जारी है, ताकि जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ आक्रामकता की समस्या को भी कम किया जा सके।
डीएम ने निर्देश दिए कि स्टरलाइजेशन अभियान में पशु प्रेमियों को भी जोड़ा जाए और उन्हें प्रेरित किया जाए । इसके अलावा संवेदनशील स्थानों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन, नगर निगम और संस्थानों के आपसी समन्वय से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। बैठक में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

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