
संवाददाता
कानपुर। नगर के हृदय रोग संस्थान में देश का पहला प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक जल्द शुरू होगा। संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि इस मॉडर्न ब्लॉक का निर्माण कार्य अगले छह महीनों में पूरा हो जाएगा।
डॉ. वर्मा के अनुसार, हृदय रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह पहल अत्यंत आवश्यक है। संस्थान की ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज आते हैं, जिनमें सैकड़ों हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित होते हैं। भविष्य में यह संख्या और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में केवल उपचार ही नहीं, बल्कि बीमारियों के मूल कारणों को समझना भी महत्वपूर्ण है।
इसी आवश्यकता को देखते हुए प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी विभाग की अवधारणा विकसित की गई है। इस विभाग का मुख्य उद्देश्य बीमारी के लक्षणों से पहले ही उसकी पहचान करना है। इसके लिए संस्थान में जीन स्टडी पर आधारित एक नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत मरीज के गाल से कोशिकाएं लेकर उनकी गहन जांच की जाएगी। यह अध्ययन दिल्ली की एक विशेषज्ञ टीम के सहयोग से होगा।
इस तकनीक से यह पता चल सकेगा कि किसी व्यक्ति को भविष्य में कौन-सी बीमारी होने की आशंका है, या उसके बच्चों में कौन-सी आनुवंशिक बीमारी हो सकती है। साथ ही, यदि बीमारी हो भी जाती है, तो कौन सी दवा उस मरीज के लिए सबसे प्रभावी होगी, इसका भी निर्धारण किया जा सकेगा। इससे उपचार प्रक्रिया सरल होगी और समय व धन दोनों की बचत होगी।
डॉ. वर्मा ने बताया कि इस तरह की व्यवस्था न केवल प्रदेश में, बल्कि पूरे देश में पहली बार शुरू की जा रही है। यह एक नया और महत्वपूर्ण कदम है, जो हृदय रोगों के निदान और उपचार में मील का पत्थर साबित हो सकता है। विशेष रूप से कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए, जिनका इलाज वर्तमान में दवाओं या हार्ट ट्रांसप्लांट तक सीमित है, यह नई उम्मीद जगाएगा।
जीन स्टडी के बाद मॉड्यूलेशन टेक्नोलॉजी के जरिए यह भी संभव होगा कि बीमारी जिस रूप में प्रकट होती है, उसे बदला जा सके या रोका जा सके। यानी बीमारी आने से पहले ही शरीर को उस खतरे से बचाया जा सकेगा।
यह प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक पूरी तरह हॉलिस्टिक अप्रोच पर आधारित होगा। इसमें केवल कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद, होम्योपैथी, लाइफस्टाइल मैनेजमेंट, योग, एक्सरसाइज और ध्यान को भी शामिल किया जाएगा।
दो मंजिला इस इमारत में नीचे और ऊपर कुल चार कमरे, साथ ही एक बड़ा हॉल बनाया जाएगा, जहां लोगों को सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। एक तरह से यह प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक न सिर्फ इलाज का केंद्र होगा, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दिल की बीमारियों से पहले ही लड़ने की ताकत भी देगा। शहर के लिए यह एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।






