March 5, 2026

संवाददाता

कानपुर। शहर के  चर्चित अधिवक्ता और भू माफिया अखिलेश  दुबे को बेनकाब करने वाले पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को लेटर भेज कर उन्हें तुरंत रिलीव करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए गृह मंत्रालय ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी को लेटर लिखा है।

यह लेटर ऐसे समय में आया है, जब कानपुर में अखिलेश दुबे प्रकरण चर्चा में है। इसके केंद्र में पुलिस कमिश्नर हैं, जिन्होंने अखिलेश दुबे के खिलाफ कार्रवाई की थी। चर्चा है कि दुबे के नेटवर्क की वजह से ही अखिल कुमार को रिलीव करने का आदेश जारी किया गया है।इसे अखिलेश दुबे की पावर के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार में तैनाती आदेश के बाद इस तरह के आदेश जारी किए जाते हैं। यह एक रूटीन प्रक्रिया है।

1994 बैच के आईपीएस अखिल कुमार का 25 अगस्त की रात ट्रांसफर हुआ था। उनकी तैनाती केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन में प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर की गई है। ऐसे में यूपी सरकार अखिल कुमार को एनओसी देकर कार्यमुक्त करेगी। माना जा रहा था कि इस प्रक्रिया में एक महीने तक का समय लगता है। 

इसी बीच गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी संजीव कुमार की ओर से अखिल कुमार को रिलीव करने का लेटर जारी कर दिया गया। यह लेटर मुख्य सचिव को संबोधित है। इसकी प्रति डीजीपी, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और डीओपीटी के सचिव को भी भेजी गई है।

अखिल कुमार ने 4 जनवरी 2024 को कानपुर पुलिस कमिश्नर के रूप में चार्ज लिया था। इसके बाद उन्होंने शहर में ऑपरेशन महाकाल अभियान चलाकर अपराधियों के सिंडीकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की।

कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित को जेल भेजते हुए पूरे सिंडीकेट पर एक्शन लिया।

जमीनों पर कब्जे और रंगदारी का सिंडीकेट चला रहे कथित वकील दीनू उपाध्याय समेत 12 से अधिक दागी अधिवक्ताओं को जेल भेजा।ऑपरेशन महाकाल की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए वकील अखिलेश दुबे को जेल भेज दिया गया था।