
संवाददाता
कानपुर। नरवल तहसील के सिकठिया गांव में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले का आगाज़ हुआ। लगभग 120 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह मेला ग्रामीणों की आस्था और परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
मेले की खास पहचान गांव के प्राचीन तालाब में होने वाला नागनाथन कार्यक्रम है। इसमें बच्चे भगवान कृष्ण और भगवान शिव की वेशभूषा में सजकर नाव यात्रा करते हैं। गांव के ठाकुर द्वारा मंदिर से कार्यक्रम की शुरुआत होती है। यहां स्थापित विशाल कंस प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
मेला अध्यक्ष मनीष सिंह परिहार ने बताया कि यह आयोजन बुजुर्गों की धरोहर है, जिसे युवा पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। मेले में लगभग 50 गांवों के लोग शामिल होते हैं। झूला, मिठाई और खिलौनों की दुकानें बच्चों और महिलाओं को विशेष आकर्षित करती हैं। मेले में महिलाएं घरेलू सामान की खरीदारी भी करती हैं।
भीड़ को देखते हुए पुलिस, पीएसी, महिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात की गई है। एलआईयू टीम भी सतर्क है। मेला कमेटी में ज्ञानेश तिवारी, प्रदीप सिंह, लालू सिंह, शुभम सिंह और सोनू सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं।
यह मेला न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है।






