
संवाददाता
कानपुर। अवैध कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी के मामले में क्राइमब्रांच की टीम ने 25 हजार के इनामी बालाजी मेडिकल स्टोर संचालक देव नगर निवासी सुमित केसरवानी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपित लखनऊ की इदिका लैब साइसेंज से कोडीनयुकत कफ सीरप खरीदता था। इतना ही नहीं 45 से 48 रुपए की लागत का सीरप मेडिकल स्टोर संचालक नशे की लत को पूरा करने के लिए 150 से 160 रुपए में बेंचते थे।
इदिका लैब पर भी अवैध भंडारण करने के मामले में लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज है। इनामी मेडिकल स्टोर संचालक शहर के आसपास के 74 मेडिकल स्टोरों में कोडीनयुक्त कफ सीरप की थोक सप्लाई करता था। हैरान करने वाली बात ये ही है 2024 में मेडिकल स्टोर संचालक का रिटेलरशिप का लाइसेंस निलंबित हो चुका था इसके बावजूद भी वह सप्लाई कर रहा था।
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि अवैध कोडीनयुक्त सीरप के भंडारण के मामले में औषधि निरीक्षक द्वारा 12 अक्टूबर 2025 को रायपुरवा थानाक्षेत्र के देवनगर स्थित बालाजी मेडिकल स्टोर में छापेमारी की गई थी। जिसमें औषधि की बिक्री ड्रग्स एंड कास्टमेटिक एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिना वैध अभिलेख,बिना स्टाक रजिस्टर व बिना डाक्टर के पर्चे के कोडीनयुक्त कफ सीरप की सप्लाई की जा रही है। 2100 बोतल और 10800 टेबलेट बरामद की गई थी
जांच में यह भी सामने आया था कि मेडिकल स्टोर संचालक ने बिलिंग और लेनदेन में काफी हेरफेर व अवैध तरीके से कोडीनयुक्त 55671 कफ सीरप 1.20 लाख एल्प्राजोलम टैबलेट क्रय किया गया है। जिसमें 2100 बोतलें व 10800 टैबलेट औषधि निरीक्षक ने जब्त करी थीं।
मेडिकल स्टोर संचालक सुमित केसरवानी के खिलाफ रायपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद से आरोपी फरार चल रहा था और उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
जिसके बाद से क्राइम ब्रांच मेडिकल स्टोर संचालक की तलाश में जुटी थी। डीसीपी क्राइम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ किदवई नगर और रायपुरवा में दो मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने जेल भेजे गए कोडीनयुक्त सीरप कारोबार के सरगना विनोद अग्रवाल से भी 228 बोतल जिजसीरैक्स सीरप व दवाएं जिनकी कुल कीमत 1.59 लाख थी वह भी खरीदी थी।
आरोपी सुमित केसरवानी आर्पिक फार्मा मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की दवाइयां लखनऊ स्थित इदिका साइसेंज लैब से खरीदता था और शहर में होलसेल व रिेटेल में सप्लाई करता था। जांच में सामने आया है कि आरोपित ने डिजिटल डाटा को जानबूझकर हटाया था जिससे जांच प्रभावित हो सके, आरोपी को जेल भेजा गया है।






