
संवाददाता
कानपुर। नगर के छात्रसंघ बहाली मोर्चा ने प्रदेश सरकार से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो न केवल युवाओं को नेतृत्व और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाता है, बल्कि उन्हें संविधान प्रदत्त अधिकारों के प्रति जागरूक भी करता है।
छात्रसंघ बहाली मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि छात्रों के पास लोकतांत्रिक ढांचे में अपने विचार और समस्याएं रखने का कोई वैधानिक मंच नहीं है। छात्रसंघ चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, राजनीतिक समझ, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुभव प्रदान करता है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चुनाव न होने के कारण छात्रों के अधिकार और उनकी समस्याएं अनसुनी रह जाती हैं।
मोर्चा ने मांग की है कि कानपुर समेत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शीघ्र छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि छात्रावास नियम, शुल्क निर्धारण, पुस्तकालय व्यवस्था और अन्य छात्रहित से जुड़े निर्णयों में निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
छात्रों ने यह भी मांग रखी कि प्रत्येक संस्थान में लैंगिक उत्पीड़न और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए आंतरिक शिकायत समिति का गठन हो और उसमें छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे छात्राओं और महिला कर्मचारियों को सुरक्षा और न्याय मिलेगा।
छात्र नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का भी यही उद्देश्य है कि छात्रों को अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ लोकतांत्रिक वातावरण में भागीदारी का अवसर मिले। इसलिए छात्रसंघ चुनाव की बहाली समय की मांग है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लोकपाल समिति का गठन किया जाए और एक सरकारी प्रतिनिधि को भी नियुक्त किया जाए, ताकि प्रशासनिक और शैक्षिक कार्यवाही में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
इस मौके पर अभिजीत राय, अनस, दिव्यांशु सिंह, सचिन सिंह, अंशिका दीक्षित, अभिनव श्रीवास्तव, विक्की ठाकुर, अंशुमान, अभिषेक ठाकुर, आर्यन त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।






