
संवाददाता
कानपुर। उत्तर प्रदेश की एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। कानपुर के किदवई नगर थाने में दर्ज ठगी और रंगदारी के मामले में 50 हजार के इनामी सुरजीत कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी रियल एस्टेट के नाम पर ठगी करने के आरोप में वांछित चल रहा था।
एसटीएफ के अनुसार सुरजीत कुमार थाना किदवई नगर, कमिश्नरेट कानपुर में दर्ज मुकदमे में वांछित था। उस पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकी, रंगदारी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। फरारी के चलते पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने सेमरा, चिनहट क्षेत्र से सुरजीत कुमार को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में टीम को अभिसूचना संकलन के दौरान उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी और उनकी टीम को सूचना मिली कि सुरजीत कुमार चिनहट क्षेत्र में मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया।
पूछताछ में सुरजीत कुमार ने बताया कि वह अपने भाई दिलीप राय बलवानी और भाभी रीता राय के साथ मिलकर लोगों को कानपुर और अन्य शहरों में कामर्शियल और आवासीय फ्लैट या प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगी करता था। आरोपी पहले भरोसा जीतते थे और फिर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
एसटीएफ के अनुसार, वर्ष 2021 में भगवती प्रसाद मिश्र नामक व्यक्ति से कानपुर में फ्लैट दिलाने का सौदा किया गया था। पीड़ित ने अपने और रिश्तेदारों के खातों से बड़ी रकम आरोपी के परिजनों के संयुक्त खातों में ट्रांसफर की थी। काफी समय बीतने के बाद भी फ्लैट नहीं दिया गया। जब पीड़ित ने दबाव बनाया तो आरोपी पक्ष ने फ्लैट देने से इनकार करते हुए धमकियां देनी शुरू कर दीं। इसके बाद मामला दर्ज कराया गया।
सुरजीत कुमार के खिलाफ लखनऊ के गोमतीनगर थाने में भी वर्ष 2023 में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का एक और मुकदमा दर्ज है।
गिरफ्तारी के बाद सुरजीत कुमार को किदवई नगर थाना, कानपुर कमिश्नरेट में दाखिल किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई किदवई नगर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। एसटीएफ का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में ठगी से जुड़े अन्य मामलों के खुलासे की भी संभावना है।






