March 11, 2026

संवाददाता

कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट प्रीमियर लीग के तीसरे संस्करण के कुछ मैचों को ग्रीनपार्क स्टेडियम में हाईब्रिड मॉडल पर आयोजित कराने के लिए तैयार यूपीसीए को खेल विभाग की ओर से लिए गए निर्णय के चलते अपने कदम पीछे खींचने पड गए है। 

साल 2023 में ग्रीनपार्क में आयोजित लीग के पहले संस्करण के लिए यूपीसीए ने खेल विभाग को लगभग 9 करोड की धनराशि अदा नही की है जिसके चलते विभाग ने अपनी नजरें टेढी कर ली हैं। खेल विभाग के सूत्र बताते हैं कि ग्रीनपार्क में बकाए धनराशि के जमा करने के बाद ही यहां पर लीग को आयोजित करवाने की अनुमति देने तैयार है। बतातें चलें कि बीते दो साल पूर्व शुरु हुई लीग  प्रतियोगिता के तीसरे संस्करण को प्रदेश क्रिकेट संघ ने हाइब्रिड मॉडल में आयोजित करने की योजना बनायी थी जो धरातल पर पूरी तरह से सफल नही हो सकी। 

17 अगस्त से प्रस्तावित प्रतियोगिता के 34 मैच, जिनमें तीन प्लेऑफ और फाइनल शामिल था उन मैचों को, कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में और बाकी मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले जाने पर विचार किया गया था। खेल विभाग के इस निर्णय के बाद से अब यूपीसीए पूरी प्रतियोगिता लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ही आयोजित करवाने पर विवश हो गयी हे। 

साल 2023 में यूपीसीए ने ग्रीनपार्क स्टेडियम में लीग के पहले संस्करण का आयोजन सफलता पूर्वक किया था जिसमें संघ को खेल विभाग में किराए के रूप में लगभग 10.31 करोड रुपए जमा करवाने थे। संघ ने प्रदेश सरकार से किराए की धनराशि को आधा करने की गुहार लगायी थी जिसके बाद प्रदेश के संघ ने केवल 1 करोड की धनराशि पहले और दूसरी बार भी उतनी ही धनराशि जमा कर आगे के रास्ते खोलने का प्रयास किया था। 

यूपीसीए ने 2024 में भी इस प्रतियोगिता को कानपुर के ग्रीनपार्क में आयोजित करवाने की पहल की तो खेल विभाग ने पहले बाकी की धनराशि जमा करवाने के लिए कहा तो प्रदेश संघ ने धनराशि जमा करवाने के बदले प्रतियोगिता को लखनऊ स्थानांतरित करने का काम कर डाला। प्रतियोगिता को लखनऊ स्थानांतरित करने का एक कारण ग्रीन पार्क स्टेडियम की मुफ्त उपलब्धता पर राज्य सरकार की आपत्ति थी। यूपी खेल निदेशालय ने 2023 में यूपीसीए को स्टेडियम के लिए 10.31 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने को कहा गया था। बाद में 50 प्रतिशत राशि जमा करने की शर्त रखी गई, जिसमें से यूपीसीए ने अभी तक केवल 2 करोड़ रुपये ही जमा करने का काम किया है। 

इस बार प्रदेश संघ ने प्रतियोगिता को हाईब्रिड तरीके से आयोजित करवाने का प्रयास किया तो भी ग्रीनपार्क स्टेडियम के लिए बकाया धनराशि के बारे में विचार ही नही किया। खेल विभाग ने प्रतियोगिता के प्रस्ताव पर ही बकाया धनराशि को जमा करने की बात कही तो संघ ने अपने कदम वापस खींचे और प्रतियोगिता को लखनऊ स्थानांतरित करने का काम कर डाला। 

इस बारे में खेल विभाग के निवर्तमान अधिकारी राम मनोज ने बताया कि विभाग यूपीसीए की ओर से किराए की धनराशि जमा करवाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया जारी नही हो सकी है। प्रतियोगिता को ग्रीनपार्क में आयोजित कराए जाने का निर्एाय खेल विभाग के आला अधिकारियों की ओर से ही किया जा सकता है। वहीं यूपीसीए के सचिव अरविन्द श्रीवास्तव इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार ही नही हैं।