
संवाददाता
कानपुर। नगर के बिल्हौर क्षेत्र के आलू किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्हें खेत से मंडी तक आलू पहुंचाने की लागत 500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक नहीं मिल पा रही है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आलू के लिए 1000 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की है।
किसानों के अनुसार, बीज, खाद, सिंचाई, कीटनाशक, खुदाई और शीतगृह भंडारण तक आलू पहुंचाने में प्रति क्विंटल 500 रुपये से अधिक की लागत आती है। इसके बावजूद उन्हें अपनी लागत भी नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी मेहनत का मुनाफा बिचौलियों को मिल रहा है।
समाजवादी पार्टी के बिल्हौर विधानसभा अध्यक्ष विनय यादव ने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने सरकार से आलू की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत कम से कम 1000 रुपये प्रति क्विंटल पर सुनिश्चित करने की मांग की। यादव ने बताया कि बिल्हौर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से आलू पर निर्भर करती है, और उचित मूल्य न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
विनय यादव ने इस बात पर भी जोर दिया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-34 और रेलवे मार्ग से जुड़ा होने के बावजूद बिल्हौर क्षेत्र में आलू आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित नहीं हो पाए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि चिप्स, स्टार्च और फ्रोजन उत्पाद इकाइयां स्थापित होने से किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और फसल की बर्बादी रुकेगी।
सपा नेता ने बिल्हौर में एक प्रमुख कृषि मंडी की स्थापना और किसान रेल सुविधा शुरू करने की भी मांग की। उनका तर्क है कि इससे किसान अपनी उपज सीधे बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
विनय यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही किसानों के हित में ठोस कदम नहीं उठाए, तो समाजवादी पार्टी बड़ा धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि देश का वास्तविक विकास गांवों और किसानों को मजबूत किए बिना संभव नहीं है।






