
संवाददाता
कानपुर। ‘अमृतव’ (अलायंस फॉर मेडिसिनल रिसर्च, इनोवेशन , ट्रांसलेशन एंड वैल्यू एक्सेलरेशन ) के कोहोर्ट 2 का शुभारंभ नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में सचिव, औषधि विभाग के कार्यालय में किया गया। हाल ही में लॉन्च हुए कार्यक्रम के दौरान मनोज जोशी सचिव, औषधि विभाग ने कार्यक्रम के विजेताओं की घोषणा की।
‘अमृतव’ बोहरिंगर इंगेल्हेम इंडिया प्रा. लि. की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समर्थित पहल है, जिसे स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर, आईआईटी कानपुर द्वारा राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, रायबरेली के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक एवं संस्थागत औषधीय अनुसंधान को उद्यमशीलता और बाज़ार-उन्मुख पहलों में रूपांतरित करना है, ताकि भारत के फार्मास्यूटिकल नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जा सके।
सभा को संबोधित करते हुए मनोज जोशी सचिव, औषधि विभाग ने अनुसंधान के व्यावहारिक रूपांतरण को गति देने तथा औषधि क्षेत्र में नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने हेतु उद्योग–शिक्षा जगत सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। इस पहल को स्वदेशी अनुसंधान को प्रोत्साहन देने, स्टार्टअप्स के सृजन का समर्थन करने तथा सुलभ स्वास्थ्य समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
कोहोर्ट 2 के अंतर्गत पाँच विजेताओं को अपने अनुसंधान को व्यवसायीकरण की दिशा में आगे बढ़ाने हेतु अनुदान सहायता प्रदान की गई। तीन संकाय सदस्यों को प्रत्येक 8 लाख तथा दो शोधार्थियों को प्रत्येक 6 लाख की अनुदान राशि प्रदान की गई। वित्तीय सहायता के अतिरिक्त, चयनित अनुदानार्थियों को संरचित मेंटरशिप, विनियामक मार्गदर्शन, बौद्धिक संपदा सहायता तथा बाज़ार-प्रवेश संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जाएगा, जिससे व्यवहार्य उत्पादों और उद्यमों के विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
‘अमृतव’ कार्यक्रम एक सुव्यवस्थित क्षमता-विकास मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें मेंटरशिप सत्र, उद्यमिता उन्मुखीकरण, उद्योग की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का परिचय तथा प्रयोगशाला-आधारित अनुसंधान से स्केलेबल स्वास्थ्य समाधानों तक संक्रमण हेतु मार्गदर्शी सहयोग शामिल है। यह पहल औषधि खोज, फॉर्मुलेशन विकास, उन्नत औषधि वितरण प्रणालियाँ तथा फार्मास्यूटिकल विज्ञान के अन्य उभरते क्षेत्रों जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है।
यह कार्यक्रम भारत के औषधीय अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय आर्थिक विकास और जन-स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देने के लिए एक समन्वित प्रयास को दर्शाता है।
‘अमृतव’ बोहरिंगर इंगेल्हेम की सीएसआर समर्थित पहल है, जिसे स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर, आईआईटी कानपुर द्वारा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसीटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, रायबरेली के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक एवं संस्थागत औषधीय अनुसंधान को उद्यमशील और बाज़ार-उन्मुख पहलों में परिवर्तित करना है।






