
संवाददाता
कानपुर। नरवल क्षेत्र के खरौटी गांव में स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिर झारखंडेश्वर धाम में श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।
कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण कर नजफगढ़ गंगाघाट तक पदयात्रा की। श्रद्धालु महिलाएं पूरे अनुशासन और भक्ति भाव के साथ भजन-कीर्तन करते हुए गंगा तट तक पहुंचीं, जहां विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों में पवित्र गंगाजल भरा गया। इसके पश्चात महिलाएं पुनः कलश यात्रा के रूप में मंदिर परिसर लौटीं।
कलश यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज, धार्मिक नारों और शिवभक्ति से ओत-प्रोत जयकारों ने पूरे गांव को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।
मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना कर वैदिक मंत्रों के साथ कलश स्थापना की गई।
इस अवसर पर समाजसेवी दीपू मिश्रा ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को सदाचार, संस्कार और नैतिक मूल्यों की ओर प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन आपसी भाईचारे को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महेंद्र कुमार तिवारी, नन्हे कुशवाहा, प्रताप कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु, महिलाएं, युवा एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता और पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं।
पूरे आयोजन में भक्ति, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला, जिससे झारखंडेश्वर धाम एक बार फिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा।






