
संवाददाता
कानपुर। समाजवादी पार्टी कानपुर ग्रामीण मजदूर सभा की ओर से मंगलवार को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा गया। जिलाध्यक्ष ओमकार यादव ने कहा कि प्रदेश के किसान और नौजवान भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
प्रदेश सरकार की गलत नीतियों की वजह से इस प्रदेश का किसान, मजदूर रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर है। वहीं, पढ़ा लिखा जवान रोजगार न मिलने के कारण आपराधिक गतिविधियों में सम्मिलित हो रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि मनरेगा मजदूरों को वर्ष में 300 दिनों के कार्य दिवस में 600 रुपए प्रतिदिन मजदूरी दी जाए। श्रम पोर्टल को तत्काल खोल दिया जाए तथा लाभार्थियों को उसका लाभ दिया जाए। पुराने श्रम कानून को बहाल किया जाए तथा नई श्रम संहिता को समाप्त किया जाए। प्रदेश के लगभग 5000 प्राथमिक विद्यालयों को बंद होने से रोका जाए। पुलिस द्वारा दलितों एवं अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बंद किया जाए।
जिलाध्यक्ष ओमकार यादव ने यह भी कहा कि प्रदेश के लगभग 5000 प्राथमिक विद्यालय बंद करना व मंदिर, धार्मिक मेलों पर सरकारी बजट को बढ़ाना, सरकार की अदूरदर्शिता को प्रकट करता है। दूसरी तरफ पुलिस की निरंकुशता से प्रदेश के थानों में हो रही बंदियों की मौत के आंकड़ों ने आजादी के बाद के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।






