
संवाददाता
कानपुर। पुलिस को एक घर से 2 करोड़ कैश और 62 किलो चांदी मिली है। पुलिसवालों ने नोट गिनने शुरू किए तो उनके पसीने छूट गए। फिर मशीन मंगाकर नोटों की गिनती शुरू की। करीब 4 घंटे तक नोटों की गिनती हुई।
दरअसल, पुलिस ने कलक्टरगंज इलाके में एक घर पर रात 9 बजे छापा मारा। पुलिस का दावा है कि घर से इंटरनेशनल सट्टा और हवाला नेटवर्क चलाया जा रहा था। 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से नेपाली करेंसी बरामद हुई।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल मौके पर जांच पड़ताल करने पहुंचे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करके गैंग के बारे में जानकारी जुटा रही है। छापेमारी कलक्टरगंज के धनकुट्टी मोहल्ले में की गई।
कानपुर में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी के एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि बीते कई दिनों से शहर में हवाला, सट्टा कारोबार और अवैध रूप से शेयर ट्रेडिंग की शिकायत मिल रही थी। इस पर धनकुट्टी के रहने वाले रमाकांत गुप्ता के घर में छापेमारी की गई।
पुलिस घर को चारों ओर से घेरकर अंदर पहुंचीं। कमरे में कार्टन में भरकर 500-500 रुपए की गड्डियां रखी गईं थीं। इसमें 1.80 करोड़ के 500 रुपए के नोट थे। बाकी 200 और 100 की गड्डियां थीं। इसके अलावा, 62 किलो चांदी मिली। पुलिस ने इसका सोर्स पूछा तो आरोपी जवाब नहीं दे पाए।
आरोपियों के पास पेन ड्राइव, मॉडम, कम्प्यूटर, लैपटॉप बरामद किए गए। पुलिस ने किदवई नगर के रहने वाले राहुल जैन, शिवम त्रिपाठी, यशोदा नगर गंगागंज के रहने वाले सचिन गुप्ता, वंशराज समेत 5 को हिरासत में लिया है। पांचों दोस्त बताए जा रहे थे। शुरुआती जांच में दिल्ली, अलीगढ़, वाराणसी, इंदौर, मुंबई, नोएडा, जयपुर के कुछ लोगों का नाम सामने आया है। इनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि आरोपी क्रिकेट में सट्टा खिलाने, हवाला कारोबार और अवैध रूप से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते थे। आरोपियों के तार गैंगस्टर और इंटरनेशनल क्रिकेट बुकी अंकुश अग्रवाल से जुड़ रहे है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि गिरोह के तार दिल्ली और नोएडा से सीधे जुड़ रहे हैं। कई रसूखदारों से डील हो चुकी है। पकड़े गए आरोपियों ने कुछ रसूखदारों के नाम बताए हैं। जानकारी जुटाई जा रही है।






