
संवाददाता
कानपुर। प्रदेश क्रिकेट के इतिहास में शनिवार का दिन महत्वपूर्ण माना जाएगा जहां भारतीय क्रिकेट बोर्ड में उपाध्यक्ष पद पर रहे राजीव शुक्ला को अंतिरम अध्यक्ष के पद को सुशोभित करने का अवसर मिल गया। बोर्ड में बड़ा बदलाव देखने को इसलिए भी मिल गया, क्योंकि वर्तमान अध्यक्ष रोजर बिन्नी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष बना दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजीव शुक्ला के नेतृत्व में 27 अगस्त को बोर्ड के अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गयी। इस दौरान ड्रीम 11 के हटने के बाद नए स्पॉशरसिप पर चर्चा की गई।
रोजर बिन्नी को साल 2022 में सौरभ गांगुली की जगह बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। अब रोजर बिन्नी 70 साल पूरे कर चुके हैं। लोढा समिति की सिफारिशों के आधार पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी 70 साल से अधिक अपने पद पर काबिज नही रह सकता है। रोजर बिन्नी साल 1983 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हैं। उन्हें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली की जगह साल 2022 में बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। सौरभ गांगुली साल 2019 से 2022 तक बोर्ड के अध्यक्ष रहे थे। बिन्नी बोर्ड की कमान संभालने वाले तीसरे पूर्व क्रिकेटर हैं। राजीव शुक्ला बिना क्रिकेट खेले ही बोर्ड के शीर्ष पद पर काबिज हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजीव शुक्ला कुछ महीनों के लिए ही अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे। वो नए अध्यक्ष चुने जाने तक कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। राजीव शुक्ला साल 2020 से बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं।
प्रदेश क्रिकेट संघ के सचिव रह चुके राजीव शुक्ला को बोर्ड में कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर संघ के कोषाध्यक्ष प्रेम मनोहर गुप्ता ने इसे गौरव का दिन और नए आयाम स्थापित करने के लिए रास्ता बताया।






